नियुक्ति की मांग को लेकर सचिवालय घेराव को निकले बर्खास्त पुलिस कर्मचारियों को मंगलवार दोपहर पुलिस ने बेरिकेट लगाकर लैंसडोन चौक पर ही रोक दिया।
बिना इजाजत रैली निकाल रहे लोगों को सिटी मजिस्ट्रेट के मनाने के बावजूद नहीं मानने पर पुलिस ने गिरफ्तार कर सिद्घोवाला जेल भेज दिया। लैंसडोन चौक स्थित धरना स्थल पर एक महीने से आंदोलन कर रहे बर्खास्त पुलिस कर्मियों ने अपनी मांग को लेकर दोपहर के समय रैली निकाली।
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इस दौरान उनके साथ उत्तराखंड क्रांति दल के कार्यकर्ता भी मौजूद थे। मगर पुलिस ने बेरिकेट लगाकर प्रदर्शनकारियों को लैंसडोन चौक पर ही रोक लिया। जिस कारण चौराहे पर जाम लगने लगा, तब पुलिस ने ट्रैफिक डायवर्ट किया। यूकेडी कार्यकताओं ने रैली निकालने की परमिशन होने की बात कही।
धक्का-मुक्की भी हुई
पुलिस ने कागज दिखाने की बात कही, लेकिन उन्होंने प्रार्थना पत्र दिखाया। इस दौरान पुलिस कर्मियों के साथ प्रदर्शनकारियों की धक्का-मुक्की भी हुई। हंगामा बढ़ता देख सीओ सिटी हरीश चंद्र सती मौके पर पहुंचे और उन्होंने प्रदर्शनकारियों को समझाने की कोशिश की। उन्होंने अन्य पुलिसकर्मियों की भी बर्खास्तगी की मांग की।
सिटी मजिस्ट्रेट गिरीश चंद्र गुणवंत ने उनको समझाने की कोशिश की, लेकिन प्रदर्शनकारी कैबिनेट का निर्णय आने तक सचिवालय के बाहर बैठने की बात करने लगे। जिसके बाद सिटी मजिस्ट्रेट ने प्रदर्शनकारियों की गिरफ्तारी के आदेश दिए। जिस पर यूकेडी कार्यकर्ताओं ने जमकर हंगामा काटा और सड़क पर बैठ गए। पुलिस ने एक पुलिस वैन और एक सिटी बस में भरकर प्रदर्शनकारियों को सुद्घोवाला जेल भिजवाया।
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