फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

जहरीली शराब कांड में केमिकल सप्लायर समेत चार गिरफ्तार, कई राज्यों से सप्लाई किया था 'मौत' का सामान

Fri, 15 Feb 2019 09:09 AM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रुड़की
विज्ञापन
केमिकल बांटने वाले गिरफ्तार
विज्ञापन

जहरीली कच्ची शराब प्रकरण में पुलिस ने पूर्व में पकड़े गए आरोपी अर्जुन को आईपीए (आइसोप्रोपिल एल्कोहाल) के छह ड्रम उपलब्ध कराने वाले चार आरोपियों को भी गिरफ्तार कर लिया है। इन चार आरोपियों में रुड़की स्थित एसी सेलूलॉज कंपनी का मालिक व मैनेजर भी शामिल हैं।

विज्ञापन


कंपनी मालिक यह आईपीए केमिकल हिमाचल, दिल्ली और मुंबई से मंगवाता था। पुलिस अब तीनों प्रदेशों में केमिकल संबंधित जानकारी जुटा रही है। वहीं, सहारनपुर और हरिद्वार पुलिस अब तक इस मामले में कुल 13 आरोपियों की गिरफ्तारी कर चुकी है। 

बृहस्पतिवार को सिविल लाइंस कोतवाली में जहरीली शराब प्रकरण का खुलासा करते हुए प्रेस वार्ता कर एसपी देहात नवनीत सिंह ने बताया कि पूर्व में जिस आरोपी अर्जुन निवासी गांव डाडली, थाना भगवानपुर को गिरफ्तार किया गया था।

विज्ञापन

उसने आईपीए केमिकल रुड़की स्थित एसी सेलूलॉज कंपनी से खरीदने की बात बताई थी। पुलिस ने इस मामले में छानबीन की तो पता चला कि एसी सेलूलॉज कंपनी का मालिक अमित गुप्ता पुत्र वीरमणि गुप्ता निवासी 63 सेकेंड फ्लोर शालीमार पार्क, भोलानाथ नगर, शहादरा (दिल्ली), मैनेजर सचिन गुप्ता पुत्र राजमणि गुप्ता निवासी रामनगर रुड़की, विपिन कुमार पुत्र सुरेंद्र कुमार निवासी मकतूलपुरी, रुड़की और मनोज कुमार पुत्र सुरेंद्र निवासी गांधी नगर, शेखपुरी, रुड़की ने अर्जुन को केमिकल उपलब्ध कराया था।

एसपी देहात ने बताया कि अर्जुन ने पांच फरवरी को मनोज कुमार से संपर्क कर चार ड्रम केमिकल के कच्ची शराब बनाने को लिए थे। मनोज ने एससी सेलूलॉज कंपनी के मैनेजर सचिन गुप्ता से संपर्क किया। सचिन ने कंपनी मालिक अमित गुप्ता की सहमति से केमिकल के चार ड्रम अपनी फर्म की जीएसटी नंबर से विपिन कुमार की कंपनी श्री इंटरप्राइजेज के जीएसटी नंबर पर भेजे थे।

इसके बाद विपिन ने मनोज कुमार के जीएसटी नंबर पर यह ड्रम भेजे थे। इसके बाद मनोज ने यह ड्रम अर्जुन को उपलब्ध कराए। अर्जुन ने ये ड्रम अपने पिकअप चालक इंद्रपाल के साथ मिलकर कंपनी से उठाए थे।
 
विज्ञापन

सात फरवरी को अर्जुन ने मनोज से संपर्क किया और दो ड्रम में माल खराब होने की बात कहते हुए कच्ची शराब का रंग दूधिया होने का जिक्र किया था। इसके बाद सचिन ने विपिन से बात कर उसके जीएसटी नंबर से ड्रम वापस लेकर बदले में नए ड्रम और अन्य दो केमिकल के ड्रम अर्जुन को दिए थे।

एसपी देहात ने बताया कि कंपनी मालिक अमित गुप्ता यह केमिकल हिमाचल के बद्दी, दिल्ली व मुंबई से मंगवाता था। तीनों प्रदेशों में पुलिस टीम भेजकर जांच की जा रही है। एसपी देहात ने बताया कि चारों आरोपियों को पता था कि अर्जुन कच्ची शराब बनाने का काम करता है।

इसके बाद भी उन्होंने उसे ड्रम उपलब्ध कराए जो जहरीली शराब प्रकरण की संलिप्ता में आता है। चारों आरोपियों के खिलाफ भी हत्या समेत अन्य धाराओं में केस दर्ज कर लिया गया है।  
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें