-राजेंद्र निवासी नई बस्ती पथरिया पीर
-पूर्व फौजी शरण निवासी नई बस्ती पथरिया पीर
-लल्ला निवासी नेशविला रोड पथरिया पीर
-आकाश निवासी पथरिया पीर
-सुरेंद्र चौहान निवासी पथरिया पीर
-इंदर निवासी पथरिया पीर
-राजू निवासी पथरिया पीर
पथरिया पीर के शराब कांड के मामले में पुलिस अधीक्षक देहात प्रमेन्द्र डोभाल की जांच अंतिम चरण में पहुंच गई है। इस मामले में निलंबित किए गए शहर कोतवाली के इंस्पेक्टर शिशुपाल नेगी और धारा पुलिस चौकी के प्रभारी कुलवंत सिंह ने अपने बयान दर्ज करा दिए हैं। उन्हाेंने शराब विक्रेता घोंचू और मच्छर के खिलाफ हुई कार्रवाई का पूरा ब्यौरा उपलब्ध कराया है, जिसमें गुंडा एक्ट के तहत हुई कार्रवाई भी शामिल है।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अरुण मोहन जोशी ने पथरिया पीर में जहरीली शराब से छह लोगों की मौत के बाद में शहर कोतवाल शिशुपाल नेगी और धारा पुलिस चौकी प्रभारी कुलवंत सिंह को निलंबित कर दिया था। उन्होंने कहा था कि यह कार्रवाई निष्पक्ष जांच कराने के लिए की गई है। एसपी देहात प्रमेन्द्र डोभाल को पूरे प्रकरण की जांच सौंपी गई थी।
एसपी ने इस मामले में काफी लोगों के बयान दर्ज किए हैं। बृहस्पतिवार को निलंबित निरीक्षक शिशुपाल नेगी और चौकी प्रभारी कुलवंत सिंह ने अपने बयान दर्ज कराए। उन्हाेंने बताया कि घोंचू के खिलाफ 25 जनवरी को गुंडा एक्ट के तहत कार्रवाई की गई थी, जबकि 15 सितंबर को गैंगस्टर के तहत कार्रवाई शुरू की गई थी। मच्छर के खिलाफ भी गुंडा एक्ट और आबकारी अधिनियम में कार्रवाई हुई है।
उन्होंने शराब विक्रेताआें के खिलाफ कार्रवाई का लंबा-चौड़ा ब्यौरा अपने बयानों में दिया। एसपी ने उनसे सवाल-जवाब भी किए। सूत्राें के मुताबिक एसपी की जांच अंतिम चरण में पहुंच गई है। एक-दो दिन में वे एसएसपी को अपनी रिपोर्ट सौंप सकते हैं। गौरतलब है कि निलंबन के बाद शहर कोतवाली और धारा पुलिस चौकी में अभी किसी की तैनाती नहीं की गई है।