प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) में चार हजार से अधिक अपात्र लाभार्थियों को बाहर किया गया। इन लोगों के पास आवास के लिए भूमि उपलब्ध नहीं है, पहले से उनके पास पक्का मकान या वार्षिक आय अधिक है।
सोमवार को मुख्य सचिव ओम प्रकाश की अध्यक्षता में राज्य स्तरीय अनुश्रवण समति की बैठक में अपात्र लोगों के नाम योजना से हटाने की स्वीकृति दी गई। वहीं, 14 नगर निकायों में 211 आवासों के विस्तारीकरण के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। बैठक में सचिव शहरी विकास शैलेश बगोली ने केंद्र सरकार से वर्ष 2015 से 2019 तक प्रधानमंत्री आवास योजना में 17,227 लाभार्थियों में स्वीकृत मिली थी।
इसमें 4175 लोग योजना का लाभ लेने के लिए अपात्र हैं। इसमें 161 नजूल भूमि, 480 आबादी क्षेत्र, 36 पट्टाधारक, 225 भूमि उपलब्ध न होना, 1295 पक्का मकान और 1932 मामलों में वार्षिक आय, अन्य आवास योजना का लाभ लेने और शहरी क्षेत्र से बाहर के हैं।
मुख्य सचिव ने 36 पट्टाधारक लाभार्थियों के मामलों पर दोबारा से विचार करने के निर्देश दिए। प्रधानमंत्री आवास योजना में स्वीकृत की जाने वाली कार्ययोजना में विभिन्न निकायों की 14 कार्य योजना को स्वीकृत किया गया। पूर्व में इस योजना में 59 कार्य योजना में स्वीकृत है।
मुख्य सचिव ने प्रधानमंत्री आवास योजना में कम किराये वाले आवासीय परिसर निर्माण योजना के लिए मॉडल-एक में शहरी विकास तथा मॉडल-2 में आवास विभाग को नामित किया। इस योजना में शासकीय विभागों से निर्माण कार्य न कराने की सहमति बनी।बैठक में सचिव शहरी विकास शैलेश बगोली, सचिव राजस्व सुशील कुमार, निदेशक शहरी विकास विनोद कुमार सुमन समेत अन्य अधिकारी मौजूद थे।