इस तैयारी में भाजपा के आला नेता भी शामिल हैं। प्रधानमंत्री की सुरक्षा को देखते हुए तैयारी को बेहद गोपनीय तरीके से अंजाम दिया जा रहा है। कोई भी अधिकारी अचानक डे और नाइट विजिट को निरस्त करने के पीछे का कारण बताने को तैयार नहीं है।
यह तब है जबकि कॉर्बेट में वीवीआईपी या वीआईपी के आने की जानकारी पहले ही मिल जाती है। ज्यादा जोर देने पर कहा जा रहा है कि ढिकाला जोन में ग्लोबल टाइगर फाउंडेशन की महत्वपूर्ण बैठक प्रस्तावित है। इसमें देश विदेश से प्रतिनिधि आएंगे। इस बैठक में कई सांसदों के आने की भी उम्मीद है।
ऐसे में उनकी सुरक्षा और गोपनीयता को देखते हुए ढिकाला जोन को बंद किया गया है। यह तर्क भी पर्यटकों और कारोबारियों के गले नहीं उतर रहा है। कारण यह भी है कि कार्बेट पार्क को सीजन के दौरान अब से पहले कभी बंद नहीं किया गया। सीटीआर के निदेशक राहुल से भी संपर्क नहीं हो पा रहा है।