उन्होंने कहा कि प्रदेश के पर्वतीय क्षेत्र में परंपरागत एवं पौष्टिक फसलों की खेती होती है, जो कि असिंचित दशा में भी अच्छा उत्पादन दे सकती है। उत्तराखंड को जैविक प्रदेश बनाने के लिए प्रथम चरण का कार्य शुरू हो चुका है। कृषि यंत्रीकरण के तहत अब तक 755 फार्म मशीनरी बैंक स्थापित किए जा चुके हैं।
राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के अंतर्गत 23 विभागों की 212 परियोजनाओं को शामिल किया गया है। जंगली जानवरों से फसलों की क्षति रोकने के लिए आठ गांव में 183 किलोमीटर घेरबाड़ का कार्य किया गया है।
प्रदेश में हिल सीड बैंक की परियोजना शुरू की गई है। मृदा एवं जल संरक्षण के लिए दो वर्षों में जल संचय संरचनाओं के निर्माण से 2250 हेक्टेयर सिंचन क्षेत्रफल बढ़ा है। प्रदेश में मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना के अंतर्गत वर्ष 2018-19 तक समस्त कृषकों को मृदा स्वास्थ्य कार्ड वितरित किए जा चुके हैं।
मंडियों में आनलाइन ट्रेड को प्रोत्साहित करने के लिए मंडी शुल्क में 10 प्रतिशत की छूट का प्रावधान किया गया है। उन्होंने कृषि कर्मण पुरस्कार के लिए चयनित किए जाने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार जताया।