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देहरादून की बेटी के दर्द से PM मोदी आहत, पूरे देश से की मदद की अपील

Mon, 27 Mar 2017 09:44 AM IST
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, देहरादून
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gayatri - फोटो : amar ujala
रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 'मन की बात' से पूरे राष्ट्र को संबोधित किया। इस बार 'मन की बात' में पीएम मोदी देहरादून की बेटी दर्द से आहत दिखे।  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आकाश वाणी में 'मन की बात' में देहरादून की गायत्री का जिक्र किया। आइए जानते हैं क्या है पूरा मामला...
 
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'स्वच्छता के आन्दोलन से जागरूकता आई है'

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रिस्पना नदी - फोटो : अमरउजाला
देहरादून की रिस्पना नदी में गंदगी को लेकर देहरादून की 11वीं की छात्रा गायत्री ने मेसेज के जरिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को समस्या से रूबरू कराया। छात्रा ने मोदी से कहा की “आदरणीय प्रधानाचार्य, प्रधानमंत्री जी, आपको मेरा सादर प्रणाम। सबसे पहले तो आपको बहुत बधाइयां कि आप इस चुनाव में आपने भारी मतों से विजय हासिल की है। मैं आपसे अपने मन की बात करना चाहती हूँ।'
 
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gayatri
'मैं कहना चाहती हूँ कि लोगों को यह समझाना होगा कि स्वच्छता कितनी ज़रूरी है। मैं रोज़ उस नदी से हो कर जाती हूँ, जिसमें लोग बहुत सा कूड़ा-करकट भी डालते हैं और नदियों को दूषित करते हैं। इस नदी के लिये हमने बस्तियों में जा करके रैली निकाली, लोगों से बातचीत भी की, लेकिन कोई फ़ायदा नहीं हुआ। मैं आपसे ये कहना चाहती हूं कि अपनी एक टीम भेजकर या फिर न्यूज़पेपर के जरिए इस बात को उजागर करें, धन्यवाद।'
 

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- फोटो : pti
​गायत्री की बात पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आकाश वाणी में रविवावा को 'मन की बात' में कहा की देखिए भाइयों-बहनों, 11वीं कक्षा की एक बेटी को नदी में कूड़ा-कचरा देख कर कर कितना गुस्सा आ रहा है। उसे इस बात की कितनी पीड़ा है। मैं इसे अच्छी निशानी मानता हूं। मैं यही तो चाहता हूं, सवा-सौ करोड़ देशवासियों के मन में गन्दगी के प्रति गुस्सा पैदा हो। एक बार गुस्सा पैदा होगा, नाराज़गी पैदा होगी, उसके प्रति रोष पैदा होगा, हम ही गन्दगी के खिलाफ़ कुछ-न-कुछ करने लग जाएंगे। और अच्छी बात है कि गायत्री स्वयं अपना गुस्सा भी प्रकट कर रही है, मुझे सुझाव भी दे रही है, लेकिन साथ-साथ ख़ुद ये भी कह रही है कि उसने काफ़ी प्रयास किए, लेकिन विफलता मिली।
 
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- फोटो : pti
जब से स्वच्छता के आन्दोलन की शुरुआत हुई है, जागरूकता आई है। हर कोई उसमें सकारात्मक रूप से जुड़ता चला गया है। उसने एक आंदोलन का रूप भी लिया है।गन्दगी के प्रति नफ़रत भी बढ़ती चली जा रही है। जागरूकता हो, सक्रिय भागीदारी हो, आंदोलन हो, इसका अपना महत्व है ही है। लेकिन स्वच्छता आंदोलन से ज़्यादा आदत से जुड़ी हुई होती है।
 
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ये आंदोलन आदत बदलने का आंदोलन है, ये आंदोलन स्वच्छता की आदत पैदा करने का आंदोलन है, आंदोलन सामूहिक रूप से हो सकता है। काम कठिन है, लेकिन करना है। मुझे विश्वास है कि देश की नयी पीढ़ी में, बालकों में, विद्यार्थियों में, युवकों में, ये जो भाव जगा है, ये अपने-आप में अच्छे परिणाम के संकेत देता है। आज की मेरी ‘मन की बात’ में गायत्री की बात जो भी सुन रहे हैं, मैं सारे देशवासियों को कहूँगा कि गायत्री का संदेश हम सब के लिये संदेश बनना चाहिए।
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gayatri
11वीं कक्षा की गायत्री पेगवाल ने अमर उजाला को बताया कि वह आईएएस बनना चाहती हैं। सहारनपुर निवासी गायत्री के परिवार में माता-पिता के अलावा दो भाई हैं। मन की बात के नंबर पर अपनी समस्या बताते हुए ऑडियो क्लिप भेजा था। वह जीजीआईसी अजबपुर कलां में 11वीं कक्षा की छात्रा हैं। कांवली रोड पर गायत्री का परिवार रहता है और पिता गुलाब सिंह वेल्डर का काम करते हैं। गायत्री बेहद होनहार 10वीं में 76 परसेंट अंक हासिल किए थे। 14 जनवरी को गायत्री ने पीएमओ को चिट्ठी भेजी थी। जिसके बाद पीएम मोदी ने रविवार को मन की बात में गायत्री की चिट्ठी का जवाब दिया। प्रधानमंत्री के जवाब से गायत्री और उसका परिवार बेहद खुश है। गायत्री महिला शिक्षा और साफ़ सफाई के लिए काम करना चाहती हैं। गायत्री ने कहा कि उन्होंने कभी सोचा नहीं था पीएम मोदी इतनी जल्दी रिस्पॉन्स करेंगे। गायत्री ने बताया कि 24 मार्च की शाम को उन्हें पीएमओ से फोन आया। पीएमओ से डिटेल मांगी गई। लेकिन ये पता नहीं था कि प्रधानमंत्री मेरा नाम मन की बात में लेंगे। पीएम मोदी मेरे आदर्श हैं। वैसे मैं मन की बात सुनती हूं, लेकिन इस बार मन की बात ख़ास थी। गायत्री को कविता लिखने का शौक है और अंग्रेजी उनका फेवरेट सबजेक्ट है। गायत्री ने अमर उजाला को बताया कि उनके परिवार को देहरादून में रहते हुए 10 साल हो गए है।
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