फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सीएम रावत को उनके ही गढ़ में उलझाएंगे पीएम मोदी

Mon, 06 Feb 2017 01:19 PM IST
सुधाकर भट्ट/ अमर उजाला, हल्द्वानी
विज्ञापन
पीएम मोदी और सीएम रावत - फोटो : file photo
विज्ञापन
चुनाव प्रचार के अंतिम दौर में भाजपा अब मुख्यमंत्री हरीश रावत को उनके अपने ही गढ़ में उलझाने की तैयारी में है। इसके लिए भाजपा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तक को प्रचार मैदान में उतारने से गुरेज नहीं कर रही है। भाजपा सूत्रों के मुताबिक मोदी की रैली कुमाऊं में पिथौरागढ़ के अलावा रुद्रपुर में भी होगी। रविवार को तराई में बसपा सुप्रीमो मायावती की सभा में लोगों का जुटना भी कांग्रेस को अब और दबाव में लाएगा।
विज्ञापन


कुमाऊं में हरीश रावत किच्छा से चुनाव लड़ रहे हैं। कांग्रेस ने रावत को तराई को प्रभावित करने के लिए ही किच्छा से मैदान में उतारा हुआ है। ऐसे में अब भाजपा प्रधानमंत्री मोदी के सहारे तराई में कांग्रेस के समीकरण को ध्वस्त करने की कोशिश में है। तराई में कांग्रेस के तीन-तीन कद्दावर बागी भाजपा के सिंबल पर मैदान में हैं।

इतना होने पर भाजपा अपनी ओर से कोई कसर नहीं छोड़ना चाहती। चुनाव प्रचार के अंतिम दौर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रुद्रपुर पहुंचकर कांग्रेस को चुनौती देंगे। मोदी की जनसभा पिथौरागढ़ के अलावा हरिद्वार में भी है। हरिद्वार से भी हरीश रावत चुनाव मैदान में हैं। मोदी की इन जनसभाओं को लेकर अब हरीश रावत को तराई सहित अपने दोनों निर्वाचन क्षेत्रों में भाजपा को लेकर नए सिरे से सोचना होगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

बसपा की जनसभा में जुटी भीड़ भी रावत को करेगी परेशान

स‌ितारगंज में हुई मायावती की रैली में बड़ी संख्या में लोग पहुंचे थे। - फोटो : AmarUjala
हरीश रावत को भाजपा से मिल रही चुनौती यहीं पर खत्म नहीं होती। पिछले कुछ समय से हरीश रावत का फोकस पिथौरागढ़ पर भी रहा है। पिथौरागढ़ में मयूख महर की उपस्थिति रावत को आश्वस्त भी करती रही है। हाल में रावत ने पूरे कुमाऊं में सबसे अधिक दौरे भी पिथौरागढ़ जिले के ही किए। ऐसे में चुनाव प्रचार के खत्म होने से ठीक पहले पिथौरागढ़ में मोदी की जनसभा रावत की चिंता में इजाफा कर सकती है।

भाजपा नेताओं का भी मानना है कि मोदी की रैली से कुमाऊं में भाजपा को मदद मिलेगी। चुनाव प्रचार के अंतिम दौर में रावत को अपनी सीटों पर भी फोकस करना होगा और मोदी की उपस्थिति के कारण रावत का किसी अन्य क्षेत्र की ओर निकलना भी मुश्किल होगा।

रविवार को मायावती की सितारगंज जनसभा में बसपा को मिला समर्थन रावत को तराई पर अधिक फोकस करने के लिए और अधिक मजबूर भी करेगा। कांग्रेस को तराई में अब दलित और अल्पसंख्यक वर्ग का भरोसा जीतने के लिए और अधिक मेहनत करनी होगी। तराई की करीब तीन सीटों पर कांग्रेस इन्हीं वर्ग विशेष पर भरोसा भी कर रही है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पहाड़ भी जाना चाहते हैं। इसी को देखते हुए उनकी पिथौरागढ़ में रैली तय की गई है। तारीख और समय का निर्धारण सोमवार को तय हो जाएगा। इसके अलावा रुद्रपु़र, हरिद्वार और श्रीनगर में भी प्रधानमंत्री की जनसभा होगी।
-श्याम जाजू, प्रदेश प्रभारी भाजपा
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें