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Uttarakhand: दुनिया में सबसे ऊंचा होगा हेमकुंड साहिब रोपवे, गोविंदघाट से 45 मिनट में पूरा होगा सफर

Sat, 22 Oct 2022 07:00 AM IST
अलका त्यागी प्रदीप भंडारी, अमर उजाला, बदरीनाथ

सार

Hemkund Sahib Ropeway News:रोपवे बनने से हेमकुंड साहिब आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ेगी। बदरीनाथ की यात्रा पर आने वाले 60 प्रतिशत यात्री हेमकुंड साहिब भी पहुंच सकेंगे। 
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माणा में प्रोजेक्ट का शिलान्यास - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने माणा में कार्यक्रम के दौरान हेमकुंड साहिब रोपवे का शिलान्यास किया। यह दुनिया का सबसे ऊंचा और लंबा रोपवे होगा। हेमकुंड साहिब के विकट रास्तों पर अब पैदल चलने की परेशानी नहीं होगी। हेमकुंड साहिब 15200 फीट की ऊंचाई पर स्थित है। यह दुनिया के सबसे ऊंचे शिखर पर स्थित गुरुद्वारा है जहां सिख श्रद्धालु मत्था टेकने आते हैं।

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यहां के कपाट साल में मात्र पांच माह श्रद्धालुओं के लिए खुले रहते हैं। गोविंदघाट से हेमकुंड साहिब तक बनने वाले रोपवे की लंबाई 12.4 किमी होगी। हेमकुंड साहिब गुरुद्वारा ट्रस्ट के उपाध्यक्ष नरेंद्रजीत सिह बिन्द्रा ने बताया कि रोपवे बनने से हेमकुंड साहिब आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ेगी। बदरीनाथ की यात्रा पर आने वाले 60 प्रतिशत यात्री हेमकुंड साहिब भी पहुंच सकेंगे। 

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45 मिनट में पूरा होगा सफर

गोविंदघाट से हेमकुंड साहिब तक रोपवे बनने से सिर्फ 45 मिनट में सफर पूरा हो जाएगा। वर्तमान में हेमकुंड साहिब की यात्रा के लिए करीब 19 किमी पैदल चढ़ाई चढ़नी पड़ती है। जिसके लिए यात्रियों को पहले दिन घांघरिया रुकना पड़ता है और फिर अगले दिन हेमकुुंड साहिब की यात्रा कर रात्रि विश्राम के लिए घांघरिया आना पड़ता है। अगले दिन गोविंदघाट लौट पाते हैं। रोपवे बनने से मात्र 45 मिनट में श्रद्धालु गोविंदघाट से हेमकुंड साहिब पहुंच जाएंगे जबकि खर्चा करीब 1100 रुपये होगा। इसके बनने से बुजुर्ग और दिव्यांग श्रद्धालुओं को सुविधा होगी।
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