प्रधानमंत्री मोदी को आज भी केदारनाथ आपदा का दर्द सता रहा है। नारी शक्ति पुरस्कार पाने वाली एक मात्र महिला से पूछा गया एक यह इसकी तस्दीक करता है।
डॉ. स्वराज विद्वान उत्तराखंड से ऐसी अकेली महिला हैं, जिन्हें अबकी नारी शक्ति पुरस्कार से नवाजा गया। अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने अन्य आठ राज्यों से पहुंची महिलाओं के साथ उन्हें नई दिल्ली में यह सम्मान प्रदान किया।
सम्मान मिलने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से जब इन महिलाओं की मुलाकात हुई तो प्रधानमंत्री उत्तराखंड में आपदा के बाद के हालात के बारे में पूछना नहीं भूले। डॉ. स्वराज ने घाटों पर कुछ काम होने, लेकिन सड़कों की हालत जस-के-तस होने की जानकारी दी।
1991 के भूकंप में लोगों की सेवा देख जागा जज्बा
डा. स्वराज को यह पुरस्कार समाज सेवा के क्षेत्र में उल्लेखनीय एकल प्रयासों के लिए दिया गया है। बकौल स्वराज 1991 में उत्तरकाशी में आए विनाशकारी भूकंप के दौरान लोगों की पीड़ितों की सेवा का जज्बा देख उनके भीतर यह भाव जागा।