उत्तराखंड की बैडमिंटन प्रतिभाएं अब ओलंपिक में अपनी चमक बिखेरना चाहती हैं। ये प्रतिभाएं राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा चुकी हैं।
अब इनका अगला लक्ष्य वर्ल्ड चैंपियन बनना और ओलंपिक में देश के लिए मेडल लाना है। इसके लिए अपनी तैयारियों में कसर नहीं छोड़ना चाहते हैं।
इंडोर स्टेडियम में चल रही सब जूनियर वर्ग की राज्य स्तरीय बैडमिंटन प्रतियोगिता में प्रतिभाग करने पहुंचे इन खिलाड़ियों ने अपनी फ्यूचर प्लानिंग साझा की।
इंडोनेशिया, सिंगापुर, चाइना में हुई अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में अपनी चमक बिखेर चुके अल्मोड़ा के 16 वर्षीय चिराग सेन कहते हैं कि वे देश के लिए कुछ करना चाहते हैं। ओलंपिक में देश के लिए मेडल जीतना उनका मुख्य लक्ष्य है। चिराग सेन के छोटे भाई लक्ष्य सेन भी ओलंपिक चैंपियन बनना चाहते हैं।
कई पदक जीत चुके 13 वर्षीय लक्ष्य अभी सितंबर माह में लंदन में आयोजित होने वाली जूनियर टूर्नामेंट की तैयारी कर रहे हैं। कहते हैं ओलंपिक में चैंपियन बनने के लिए वे अपनी तैयारियों में कोई कसर नहीं छोड़ना चाहते हैं।
प्रतियोगिता में प्रतिभाग कर रही 16 वर्षीय कुहु गर्ग कहती हैं कि उनका उद्देश्य भी भारतीय टीम में चयनित होकर ओलंपिक में विश्व चैंपियन बनना है। अल्मोड़ा के 16 वर्षीय बोधित जोशी का लक्ष्य भी वर्ल्ड चैंपियन बनना है।
देहरादून के वैभव चौहान अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर अपनी चमक छोड़ना चाहते हैं। 15 वर्षीय वैभव चौहान पटना, बंगलूरू, इंदौर में हुई राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में अपना दमखम दिखा चुके हैं।
खिलाड़ियों का प्रोफाइल
चिराग सेन
आयु- 16 वर्ष
पिता का नाम- डीके सेन
निवासी- अल्मोड़ा
शिक्षा- वीरशिवा स्कूल अल्मोड़ा में 11 में अध्ययनरत
उपलब्धि
- 2011 में सिंगापुर में हुई अंतर्राष्ट्रीय बैडमिंटन प्रतियोगिता में डबल में सेमीफाइनल, सिंगल में क्वार्टर फाइनल खेला
- 2011 में इंडोनेशिया में हुई अंतर्राष्ट्रीय बैडमिंटन प्रतियोगिता में सिंगल, डबल में क्वार्टर फाइनल खेला
- 2011 में चाइना में हुई एशियन बैडमिंटन चैंपियनशिप में सिंगल एवं डबल में तृतीय स्थान
- 2011 में जकार्ता में हुई अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिता में मिक्स डबल में तृतीय स्थान, वर्तमान में अंडर-17 में सिंगल में 3 रैंक, डबल में 1 रैंक
लक्ष्य सेन
पिता का नाम - डीके सेन
आयु - 13 साल
निवासी - अल्मोड़ा
शिक्षा - वीरशिवा स्कूल अल्मोड़ा में 8वीं कक्षा में अध्ययनरत
उपलब्धि
- 2011 में सिंगापुर में हुई अंडर-13 आयु वर्ग की अंतर्राष्ट्रीय बैडमिंटन प्रतियोगिता में विजेता
- 2012 में इजराइल में हुई जूनियर इंटरनेशनल बैडमिंटन टूर्नामेंट में सिंगल, डबल, मिक्स डबल विजेता
- 2012 में इंडोनेशिया में आयोजित प्रतियोगिता में अंडर-13 आयु वर्ग में विजेता, वर्तमान में अंडर-13 आयु वर्ग में नेशनल में 1 रैंक, अडंर 15 आयु वर्ग में 4 रैंक
कुहु गर्ग
पिता का नाम - अशोक कुमार
आयु - 16 साल
निवासी - नैनीताल
शिक्षा - दिल्ली में कक्षा 11 में अध्ययनरत
उपलब्धि
- वर्ष 2011 में सिंगापुर में हुई इंटरनेशनल बैडमिंटन टूर्नामेंट में मिक्स डबल में तृतीय स्थान
- वर्ष 2011 में मलेशिया में आयोजित इंटर नेशनल बैडमिंटन टूर्नामेंट प्रतिभाग किया, वर्तमान में अंडर-17 में मिक्स डबल में नेशनल में 2 रैंक
बोधित जोशी
पिता का नाम - महेश चंद्र जोशी
निवासी - अल्मोड़ा
आयु - 16 वर्ष
शिक्षा - राजकीय इंटर कॉलेज अल्मोड़ा में अध्ययनरत
उपलब्धि
- पटना, हैदराबाद, बंगलूरू में आयोजित राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में चमक बिखेरी
- वर्ष 2011 में सिंगापुर में आयोजित अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिता में प्रतिभाग किया
वैभव चौहान
पिता का नाम- संजय चौहान
निवासी- देहरादून
आयु- 14 वर्ष
शिक्षा- राष्ट्रीय इंडियन मिलट्री कॉलेज देहरादून में 9 वीं कक्षा में अध्ययनरत
उपलब्धि
- 2012 में सिंगापुर में हुई सेमीफाइनल खेला
- वर्ष 2011 व 2012 में पटना, बंगलूरू, इंदौर समेत विभिन्न स्थानों में हुई राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में प्रतिभाग कर 5 स्वर्ण, 4 रजत, 3 कांस्य पदक जीते