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500 का पिज्जा 10 हजार का पड़ा: 10 इंच का पिज्जा ऑर्डर करने पर मिला 7 इंच का; आयोग के फैसले से कंपनी को झटका

Fri, 21 Aug 2026 11:31 AM IST
Renu Saklani संवाद न्यूज एजेंसी, रोशनाबाद (हरिद्वार)

सार

ऑनलाइन ऑर्डर में पिज्जा का साइज कम निकलना कंपनी और कैफे को महंगा पड़ गया। 10 इंच के पिज्जा के बजाय सात इंच का पिज्जा मिलने और शिकायत के बाद भी रिफंड नहीं करने के मामले में हरिद्वार जिला उपभोक्ता आयोग ने कड़ा फैसला सुनाया है। 
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पिज्जा - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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ऑनलाइन एप के माध्यम से 10 इंच का पिज्जा ऑर्डर करने के बाद सात इंच का पिज्जा डिलीवर करना और शिकायत के बावजूद रिफंड न देना ऑनलाइन डिलीवरी प्लेटफॉर्म और कैफे को भारी पड़ गया। जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग, हरिद्वार ने मामले में दोनों को सेवा में कमी का दोषी मानते हुए उपभोक्ता के पक्ष में फैसला सुनाया है। आयोग ने मैसर्स बण्डल टैक्नोलॉजिस प्रा. लि. और कैफे फोस्ट फैक्टरी को संयुक्त रूप से उपभोक्ता को 10,520 रुपये का भुगतान करने का आदेश दिया है।

ज्वालापुर निवासी राजत्रेहन ने आयोग में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि 10 मार्च 2020 को एप के माध्यम से कैफे फोस्ट फैक्ट्री, तपोवन से 505 रुपये में दो पिज्जा ऑर्डर किए थे। एप पर पिज्जा का आकार 10 इंच दर्शाया गया था, लेकिन डिलीवरी के बाद पिज्जा सात इंच का निकला। शिकायत करने पर कंपनी ने समस्या स्वीकार करने के बावजूद रिफंड देने से इन्कार कर दिया।

उपभोक्ता ने राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन शिकायत के साथ कानूनी नोटिस भी भेजा, लेकिन राहत नहीं मिली। इसके बाद उन्होंने आयोग की शरण ली। सुनवाई के दौरान ऑनलाइन प्लेटफॉर्म ने खुद को केवल मध्यस्थ बताया। आयोग के अध्यक्ष गगन कुमार गुप्ता, सदस्य डॉ. अमरेश रावत और रंजना गोयल की पीठ ने इस तर्क को खारिज कर दिया।

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आयोग ने दोनों पक्षों को 505 रुपये पिज्जा मूल्य, 15 रुपये डिलीवरी चार्ज, 5,000 रुपये मानसिक क्षतिपूर्ति और 5,000 रुपये वाद व्यय के रूप में 45 दिन में भुगतान करने का आदेश दिया। समय पर भुगतान न करने पर 10 प्रतिशत वार्षिक ब्याज भी देना होगा।

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