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Pitru Paksha 2019: श्राद्ध पक्ष में इस बार तिथियों का बड़ा खेल, जानिए यहां...

Wed, 11 Sep 2019 03:12 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हरिद्वार

सार

- द्वितीया तिथि को कोई श्राद्ध नहीं, चतुर्दशी दो दिन
- एकादशी और द्वादशी के श्राद्ध होंगे एक ही दिन
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श्राद्ध - फोटो : प्रतीकात्मक तस्वीर
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विस्तार
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13 सितंबर से श्राद्ध पक्ष प्रारंभ हो जाएगा। श्राद्ध पक्ष में इस बार तिथियों का अनोखा खेल दिखाई दे रहा है। द्वितीया तिथि को कोई श्राद्ध नहीं होगा, जबकि एकादशी और द्वादशी के श्राद्ध दो दिन पड़ेंगे। इसी प्रकार गणपति प्रतिमाओं का विसर्जन चतुर्दशी दो दिन पड़ रही है।

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श्राद्ध पक्ष 13 सितंबर से प्रारंभ हो रहा है। वास्तव में पूर्णिमा का श्राद्ध चतुर्दशी को पड़ जाएगा। पूर्णिमा के दिन प्रतिपदा का श्राद्ध पड़ेगा। इसी प्रकार द्वितीया तिथि का श्राद्ध प्रतिपदा को पड़ रहा है। खास बात यह है कि 16 सितंबर सोमवार के दिन द्वितीया तिथि तो है, पर उस दिन कोई भी श्राद्ध नहीं हैं।

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चतुर्दशी तिथि का पूर्ण क्षय

मंगलवार 17 सितंबर से श्राद्ध, तृतीया के श्राद्ध से प्रारंभ हो रहे हैं। इसके बाद प्रतिदिन एक श्राद्ध है। श्राद्धों का यह क्रम तिथियों के फेर के चलते एक बार फिर 25 सितंबर बुधवार को गड़बड़ा जाएगा। बुधवार को वैसे तो एकादशी हैं, लेकिन एकादशी और द्वादशी के श्राद्ध इसी दिन पड़ रहे हैं।

27 सितंबर शुक्रवार को त्रयोदशी के दिन चतुर्दशी का श्राद्ध हो जागए। जबकि चतुर्दशी तिथि का पूर्ण क्षय हो गया है। अमावस्या का श्राद्ध और पितृ विसर्जन 28 सितंबर को पड़ेंगे। गणपति प्रतिमाओं का विसर्जन दो दिन बार 12 सितंबर को होगा। श्राद्ध पक्ष प्रारंभ हो जाने के कारण शुक्रवार को विसर्जन की शुद्ध तिथि नहीं मानी गई है। गणपति प्रतिमाओं के विसर्जन का क्रम लगातार जारी है।
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