कोरोना काल में कुछ लोग ऐसे हैं जो जरूरतमंदों की मदद के लिए दिन रात लगे हुए हैं। इसमें से एक है दून निवासी शैलज मैठानी और उनकी टीम। बुधवार रात को दस बजे उन्हें टिहरी के गेंवाली गांव से एक फोन आया।
फोन करने वाले ने बताया कि गांव दुर्गम में होने के कारण यहां खाने-पीने की मूलभूत सामग्री की दिक्कत हो गई है। लॉकडाउन के कारण पैसों की तंगी भी है। शैलज मैठानी ने बात की तो उसने बताया कि गांव में दस परिवार हैं जिनकी कुल आबादी 60 है। गांव वाले और लोगों से भी मदद मांग चुके हैं, लेकिन दूर होने के कारण अभी तक कोई मदद के लिए नहीं पहुंचा।
जिसके बाद शैलज ने बृहस्पतिवार को सुबह राहत सामग्री एकत्र कर ऋषिकेश से एक टीम गांव के लिए रवाना की। टीम में उज्जवल रस्तोगी, सचिन रयाल, व गुलशन चौहान शामिल थे। टीम ने 300 किलोमीटर का सफर कर दोपहर तक राहत सामग्री गांव तक पहुंचा दी।