आरोप था कि 11000 लोगों के साथ धोखाधड़ी की गई। मामले की जांच सीबीसीआईडी ने की थी 2010 में आरोप पत्र दाखिल किया था। तब से आरोपियों को समन भेजे जाते थे जो उन लोगों के न मिलने पर तामील नहीं हुए। मामला कोर्ट में चलता रहा।
पायलट बाबा ने हाईकोर्ट में भी अपील की थी कोर्ट ने उन्हें सीजेएम कोर्ट में आत्मसमर्पण करने तथा उसी दिन जमानत अर्जी पर सुनवाई के निर्देश दिए थे। बाबा ने आज सीजेएम कोर्ट में समर्पण किया वहां से जमानत अर्जी खारिज होने पर जिला जज नरेंद्र दत्त के कोर्ट में अपील की गई, लेकिन वहां से भी रात 8 बजे अर्जी खारिज होने पर उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।