पायलट बाबा ने हाईकोर्ट में जमानत याचिका दायर की थी। जमानत याचिका में कहा था कि वह 6 दिसंबर 2006 से 4 जनवरी 2007 तक इंडिया से बाहर टोकियो में थे। हिमांशु राय ने उनकी सोसायटी के पंजीकरण के लिए 19 दिसंबर 2006 को फार्म खरीदा था।
वहीं 20 दिसंबर को उनके फर्जी हस्ताक्षर करके 22 दिसंबर 2006 को सोसायटी का पंजीकरण कराया था। रजिस्ट्रार ने 24 सितंबर 2010 हिमांशु राय के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के आदेश एसएचओ मुखानी को दिए थे, लेकिन इस पर पुलिस ने आगे कोई कार्यवाही नहीं की ।