विरोध जताती नौकरी से निकाली गई युवती और युवा उक्रांद के कार्यकर्ता।
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माय सिटी रिपोर्टर देहरादून। युवा उत्तराखंड क्रांति दल कार्यकर्ताओं ने मोहब्बेवाला की एक फार्मास्यूटिकल कंपनी पर कोरोना लॉक डाउन के दौरान नौकरी पर ना आने वाली युवतियों को हटाने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि युवतियों को पूरा वेतन भी नहीं दिया गया। जल्द ही युवतियों को बहाल नहीं किया गया तो युवा उक्रांद कानूनी लड़ाई लड़ेगा। युवा उक्रांद के प्रदेश अध्यक्ष राजेंद्र बिष्ट ने कहा कि लॉक डाउन के शुरुआती तीन दिनों में सार्वजनिक परिवहन सेवाएं पूरी तरह बंद हो गई। जिसके कारण पिछले करीब एक वर्ष से मोहब्बेवाला स्थित फार्मास्यूटिकल कंपनी में कार्यरत युवतियां दफ्तर नहीं पहुंच पाई। इस पर कंपनी ने उन्हें नौकरी से निकाल दिया और वेतन भी नहीं दिया। युवतियों ने इसकी लिखित में शिकायत भी दर्ज कराई। राजेंद्र बिष्ट ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने सभी कंपनियों से किसी को भी नौकरी से ना निकालने की अपील की है। उसके बावजूद फार्मास्यूटिकल कंपनी ने कर्मचारियों को नौकरी से निकाला और उनका वेतन भी काट दिया। उन्होंने कहा कि इससे उन युवतियों के सामने गंभीर आर्थिक संकट पैदा हो गया है। उन्होंने जल्द ही उन्हें बहाल न करने और पूरा वेतन भुगतान न करने पर आंदोलन और कानूनी कार्रवाई करने की चेतावनी दी। राजेंद्र बिष्ट ने कहा कि प्रदेश में कार्यरत इकाइयां औद्योगिक इकाइयां और कंपनियां अगर अपने कर्मचारियों को निकालेंगे या उनका वेतन काटेंगे तो युवा उक्रांद उन सब के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया करेगा। विरोध करने वालों में सीमा रावत, विनीत सकलानी, अनिल डोभाल समेत अन्य कार्यकर्ता शामिल रहे। -- अनिल चन्दोला