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‘कोरोना वायरस की मार से फार्मा इंडस्ट्री भी प्रभावित’

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सेलाकुई में राष्ट्रीय सुरक्षा सप्ताह के दौरान शपथ लेते कंपनी कर्मचारी। - फोटो : VIKAS NAGAR
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चीन में फैले कोरोना वायरस का असर सेलाकुई की फार्मा इंडस्ट्री में भी दिखने लगा है। कोरोना के कारण केंद्र सरकार ने कुछ सक्रिय औषधि सामग्री (एपीआई) और फॉर्मुलेशंस के आयात पर रोक लगा दी है। इससे औद्योगिक इकाइयों को उक्त औषधि सामग्री महंगे दाम पर अन्य देशों से आयात करनी पड़ रही है। इस कारण दवा कंपनियों को बीते माह करोड़ों रुपये का नुकसान उठाना पड़ा है।
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ये बातें वक्ताओं ने सेलाकुई इंडस्ट्री एरिया स्थित ईस्ट अफ्रीकन (इंडिया) ओवरसीज कंपनी में राष्ट्रीय सुरक्षा सप्ताह के तहत आयोजित कार्यक्रम में कहीं। कार्यक्रम के दौरान कंपनी कर्मचारियों ने सुरक्षा एवं स्वास्थ्य के साथ ही पर्यावरण संरक्षण की प्रतिज्ञा ली। सेलाकुई फार्मा इंडस्ट्री वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष और कंपनी के प्लांट हेड जितेंद्र कुमार ने कहा कि फार्मा इंडस्ट्री में करीब 14 प्रतिशत औषधि सामग्री ऐसी हैं, जिसे चीन से आयात किया जाता था, लेकिन कोरोना वायरस के चलते इस पर प्रतिकूल असर पड़ा है। उन्होंने कहा कि सरकार ने दवाओं के निर्यात पर भी रोक लगा दी है। यदि इस ओर शीघ्र ठोस कदम नहीं उठाए गए तो फार्मा इंडस्ट्री धरातल पर आ जाएगी। उन्होंने कहा कि बीमारियां राष्ट्र की अर्थ व्यवस्था को दुर्लभ बनाती हैं।
इस मौके पर अभिषेक, कपिल राठी, राजेश ठाकुर, विनीत कुमार, मोनिका नेगी, स्मिता पांडेय, जगदीश जिंदल, सुनील सिंह, संतोष पुरी, अभिषेक चौबे, जितेंद्र, रामनिवास, आशीष, प्रताप शर्मा आदि मौजूद रहे।
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सेलाकुई में स्थापित हैं 40 दवा कंपनियां
औद्योगिक क्षेत्र सेलाकुई स्थित फार्मासिटी में करीब 40 दवा कंपनियां ऐसी हैं जो बड़े पैमाने पर दवाइयों का आयात और निर्यात करती हैं। इन दवा कंपनियों में कई नामी कंपनियां भी शामिल हैं, लेकिन बीते माह कोरोना वायरस को लेकर खड़े हुए संकट के बाद इन 40 कंपनियों के व्यापार पर प्रतिकूल असर पड़ा है। कई कंपनियां घाटे में चल रही हैं।

सेलाकुई में राष्ट्रीय सुरक्षा सप्ताह के दौरान शपथ लेते कंपनी कर्मचारी।- फोटो : VIKAS NAGAR

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