जिलाधिकारी सविन बंसल ने कालसी-चकराता मोटर मार्ग पर स्थित भूस्खलन जोन जजरेड की पहाड़ी के ट्रीटमेंट के लिए आदेश जारी कर दिए हैं। उन्होंने छह हेक्टेयर वनभूमि के हस्तांतरण की स्वीकृति भी जारी कर दी है। लोक निर्माण विभाग को पहाड़ पर कराए जाने वाले कार्यों से संबंधित प्रस्ताव तत्काल बनाकर भेजने के निर्देश भी दिए हैं।
जजरेड का पहाड़ बर्षों से जौनसार बावर क्षेत्र के लोगों और मार्ग से गुजरने वाले यात्रियों के लिए मुसीबत बना हुआ है। बरसात में पहाड़ से गिरने वाले पत्थर व मलबा बार-बार आवाजाही को बाधित करते हैं। इसके अलावा हर समय दुर्घटना का भी खतरा बना रहता है। जजरेड की पहाड़ी का शुक्रवार को जिलाधिकारी सविन बंसल ने मौका मुआयना किया था। उन्होंने भूस्खलन की समस्या के समाधान का आश्वासन दिया था। अब पहाड़ के ट्रीटमेंट के लिए आदेश जारी कर दिया गया है। छह हेक्टेयर भूमि के हस्तांतरण की अनुमति भी जारी कर दी गई है। बता दें कि 200 मीटर ऊंचाई व 180 मीटर चौड़ाई वाले पहाड़ पर ट्रीटमेंट किया जाना है। इसके अलावा पहाड़ से गिरने वाले पत्थरों को रोकने के लिए बैरियर भी लगाए जाने हैं।
जिलाधिकारी ने लोक निर्माण विभाग के अस्थायी खंड साहिया को पहाड़ पर कराए जाने वाले कार्यों का प्राक्कलन तैयार कर तत्काल भेजने के निर्देश दिए हैं। साथ ही उन्होंने अधिकारियों को मरम्मत के दौरान मार्ग पर यातायात व्यवस्था सुचारु रखने के लिए व्यवस्था करने को कहा है।