इसके बाद अन्य महिला अफसरों के साथ उन्होंने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। इसके बाद हाईकोर्ट ने 2012 में महिला अफसरों को परमानेंट कमीशन देने के निर्देश दिए थे, लेकिन इसके बाद नौ सेना सुप्रीम कोर्ट चली गई।
मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट ने भी थल सेना की भांति नौ सेना में भी महिला अफसरों को परमानेंट कमीशन देने की इजाजत दे दी है। क मांडर सुमिता बलूनी के भाई आशीष बलूनी ने कहा कि इस फैसले के बाद उनकी बहन काफी खुश हैं। इस निर्णय को उन्होंने ऐतिहासिक बताया है। यह सभी महिला अफसरों की जीत है। इस निर्णय के बाद अब रिटायर्ड महिला अफसरों को पेंशन की सुविधा भी मिलने लगेगी।