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Iमार्ग बंद होने पर ग्रामीणों को नापनी पड़ती है 35 किमी की अतिरिक्त दूरीI
लालपुल-बिरमोऊ मोटरमार्ग पर सफर करने वाले लोगों को हिचकोले खाने पड़ रहे हैं। आठ वर्ष बाद भी नौ किमी लंबे इस मोटरमार्ग का छह किमी हिस्सा कच्चा है। वर्ष 2014-15 में लोक निर्माण विभाग ने मोटरमार्ग का निर्माण कराया।
बिरमोऊ कांडी से बिरमोऊ गांव तक मोटरमार्ग पक्का है। इससे आगे लालपुल तक सड़क कच्ची है। मोटरमार्ग से बिरमोऊ, बिनऊ, बनतोऊ, रानी गांव, उपरोली, रिखाड़ आदि गांवों की आवाजाही जुड़ी है। यह मार्ग त्यूणी-चकराता-मसूरी-मलेथा राष्ट्रीय राजमार्ग को जोड़ता है। बरसात में सड़क बंद होने पर लोगों को वाया उत्पाल्टा और माख्टी होते हुए 35 किमी अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ती है। सबसे ज्यादा परेशानी किसानों को होती है। उनकी नकदी फसलें समय पर मंडी नहीं पहुंच पाती हैं। स्थानीय निवासी हुकुम सिंह, दिनेश चौहान, रमेश तोमर, टीकम सिंह का कहना है कि मार्ग के डामरीकरण को लेकर कई बार विभाग से गुहार लगाई जा चुकी है, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है। कच्ची सड़क पर वाहन चलाना मुश्किल होता है। बरसात में मार्ग की हालत और भी खराब हो जाती है। लोगों को जान जोखिम में डालकर सफर करना पड़ता है।
Iमोटरमार्ग के सुधारीकरण और डामरीकरण के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा जा चुका है। बजट स्वीकृत होने पर डामरीकरण किया जाएगा।
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I-ललित कुमार, ईई, लोनिवि खंड चकराताI