लोकसभा चुनाव परिणाम देखने के लिए लोग पूरे दिन घरों और दुकानों में टीवी और मोबाइल पर चिपके रहे। इससे सामान्य दिनों की तुलना में बाजारों में सुनसानी और सड़कों पर वाहन कम दिखे। हालांकि शाम के समय चहल-पहल बढ़ गई।
मंगलवार का दिन सभी के लिए अहम था। क्योंकि नई सरकार का भविष्य जानने को लेकर हर कोई उत्सुक था। लोग घरों और दुकानों में टीवी के आगे बैठकर मतगणना के रुझानों को देखते रहे। अधिकतर लोग मोबाइल पर नतीजों को देखते रहे। इससे बाजारों में सामान्य दिनों की तुलना में सुनसानी रही। कामकाजी लोग ने अपने दफ्तरों और प्रतिष्ठानों में टीवी और मोबाइल पर रुझान देखने नजर आए।
वहीं, देहरादून में मतगणना स्थल पर मीडिया सेंटर में गहमा-गहमी रही। प्रत्याशियों के साथ-साथ उनके समर्थक भी पहुंचते रहे। उत्तराखंड की पांचों सीटों पर रुझान का क्रम सुबह से ही कुछ इस तरह चला कि तस्वीर एकदम साफ दिखाई देने लगी। उतार-चढ़ाव की कोई गुंजाइश नहीं थी। लिहाजा हारने वाले प्रत्याशियों को थोड़ा बहुत दमखम दिखाने का मौका भी नहीं मिला। उनके समर्थक भी मतगणना स्थल तक भी नहीं पहुंचे।