उत्तराखंड सरकार ने विधानसभा चुनाव से पहले लोगों को एक और तोहफा दिया है। प्रदेशभर में वर्ग तीन की भूमि के पट्टेदारों को संक्रमणीय भूमिधर अधिकार के लिए विनियमितीकरण को शासनादेश जारी कर दिया गया है। अब दशकों से गैरकानूनी तरीके से सरकारी जमीन पर काबिज लोगों को मालिकाना हक मिल जाएगा।
राज्य के विभिन्न जिलों में हजारों हेक्टेयर सरकारी जमीन है जिसपर लोगों के कब्जा हैं। जमीनों पर कब्जा हटाने को लेकर कई बार प्रयास किया गया, लेकिन सरकार को सफलता नहीं मिल पाई। लिहाजा, अब ऐसे लोगों को मालिकाना हक देने की योजना बनाई गई है।
राजस्व सचिव डीएस गर्ब्याल ने बताया कि वर्ग तीन और वर्ग चार की जमीनों पर अधिकार के लिए शासनादेश जारी कर दिया गया है। बताया कि मालिकाना हक के लिए असामी पट्टाधारकों से वर्तमान सर्किल रेट का 20 प्रतिशत और वर्ग चार की जमीन के लिए 10 प्रतिशत विनियमितीकरण शुल्क लिया जाएगा।
बताया कि सरकार को विनियमितीकरण से करोड़ों रुपये के राजस्व की प्राप्ती होगी। दूसरी ओर सरकार ने नैनीताल जिले की नगर पंचायत लालकुंआ में भी कब्जाधारकों और पट्टेधारकों को भी भूमिधरी का अधिकार देने के संबंध में शासनादेश जारी कर दिया है। सचिव राजस्व डीएस गर्ब्याल का कहना है कि शासनादेश जारी होने के बाद सभी जिलाधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि वे विनियमितीकरण की प्रक्रिया में तेजी लाएं।