- 10 साल से विभाग ने नहीं ली सुध
- एक दर्जन से अधिक गांवों की होती है आवाजाही
खत शैली के एक दर्जन से अधिक गांवों को जोड़ने वाला माख्टी-मरोग खेडा मोटर मार्ग बदहाल है। जगह-जगह बरसाती मलबा पड़ा है। कई जगह सड़क इतनी संकरी है कि एक साथ दो वाहन नहीं निकल पाते। वाहनों के दुर्घटना ग्रस्त होने का खतरा बना रहता है।
वर्ष 2012-14 में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत करीब 13 किमी लंबे इस मोटर मार्ग का निर्माण किया गया। सड़क से बजोऊ, मरलोऊ, खोख्टी, बडोडा, मटियावा , दोहा, झूसोऊ, घिंगोऊ ,टिपराड, दोऊ समेत एक दर्जन से अधिक गांवों की आबादी जुड़ी है।
देखरेख के अभाव में सुरक्षा दीवारें क्षतिग्रस्त हो चुकी हैं। पेंटिंग उखड़ गई है। कई जगहों पर मोड़ तंग हैं। लोगों का आरोप है कि निर्माण के दौरान मानकों की अनदेखी की गई। जिस कारण सड़क 10 साल में जर्जर स्थिति में पहुंची गई। लोगों जान जोखिम में डालकर सफर करने को मजबूर हैं। अब मोटर मार्ग लोनिवि खंड चकराता को हस्तांतरित हो चुका है, फिर भी दशा में कोई सुधार नहीं हुआ है।
स्थानीय लोग लगातार सुधारीकरण की मांग कर रहे हैं। बरसात में सड़क की हालत और भी खराब हो जाती हैं।
- राजेंद्र सिंह, निवासी दोहा
सुधारीकरण को लेकर लोग धरना प्रदर्शन भी कर चुके हैं। मलबा आने से सड़क 4-5 दिन तक बंद रहती है। तब नकदी फसलें मंडी भी नहीं पहुंच पाती। - संजीव चौहान, निवासी मटियावा
रोजाना बड़ी संख्या में वाहनों की आवाजाही होती है। हमेशा दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। - गोपाल दीनदयाल, निवासी मटियावा
हाल ही में मोटर मार्ग विभाग को हस्तांतरित हुआ है। मार्ग की हालत सुधारने के लिए एस्टीमेट तैयार कर शासन को भेजा जा चुका है। - ललित कुमार गोयल, अधिशासी अभियंता, लोनिवि खंड चकराता