मानथात में नुणाई मेले के दौरान लोक नृत्य के लिए तैयार महिलाएं। स्रोत ग्रामीण
बोंदूर खत के ग्राम मानथात में नुणाई मेला पूरे हर्षोल्लास क साथ मनाया गया। ग्रामीणों ने लोक संस्कृति पर आधारित नृत्यों की शानदार प्रस्तुति दी। इस दौरान लोग ढोल-दमाऊं की धुन पर जमकर थिरके और पर्व का लुत्फ उठाया।स्थानीय मान्यता के अनुसार वर्षों पूर्व बोंदूर खत के विभिन्न गांवों के निवासी भेड़ पालक छह महीने के बाद आज के दिन अपने घर पहुंचे थे। लंबे समय के बाद घर आए परिजनों की खुशी में गांव के निवासियों ने मिलकर इस दिन को पर्व के रूप में मनाया था। तभी से यह परंपरा चली आ रही है। इसी क्रम में सुबह से ही क्षेत्र के ग्राम कुन्ना, म्यूंढा, लाखामंडल, लावड़ी, कांडी, गाता, च्यामा, कांडोई, भटाड़, दतरोटा, मोठी, छुल्टाड़, गोठाड़ आदि गांवों के निवासी पारंपरिक वेशभूषा में सजधज कर ढोल-दमाऊं व अन्य वाद्य यंत्र लेकर मानथात स्थित नुणाई मेला स्थल पहुंचे। यहां उन्होंने हारुल, जैंता, रासो, तांदी आदि गीतों पर जमकर लोक नृत्य किया। ग्रामीणों ने मीठा सेरूवा का प्रसाद वन देवियों, परियों को अर्पित करने के साथ एक दूसरे को वितरित किया। इस अवसर पर बोंदूर खत के सदर स्याणा रजनीश पंवार, बॉबी पंवार, सामाजिक कार्यकर्ता बचना शर्मा, मंदिर समिति भटाड़ के अध्यक्ष चंडी प्रसाद नौटियाल, लक्की उनियाल, ओमप्रकाश आदि मौजूद रहे।