उत्तराखंड के 24 लाख बिजली उपभोक्ताओं को कल यानी एक अप्रैल से जोर का झटका लगेगा। उत्तराखंड विद्युत नियामक आयोग ने बिजली दरों में 9.64 प्रतिशत की बढ़ोतरी कर दी है। वहीं, चार लाख बीपीएल उपभोक्ताओं की बिजली दरों में पांच साल के बाद 10 पैसे प्रति यूनिट की बढ़ोतरी की गई है।
विद्युत नियामक आयोग ने बृहस्पतिवार को बिजली की दरों में बढ़ोतरी कर दी है। इसका लोगों ने विरोध किया है। लोगों का कहना है कि एक ओर लोग पहले से ही महंगाई से जूझ रहे हैं, दूसरी और बिजली दरों में बढ़ोतरी से उन पर और बोझ बढ़ेगा। लोगों ने सरकार से बिजली दरों में बढ़ोतरी के फैसले को वापस लेने की मांग की है।
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आम जनता पहले ही महंगाई की मार से जूझ रही है। अब ऊर्जा निगम ने बिजली के दामों में और बढ़ोतरी कर दी है। इससे लोगों पर महंगाई की और मार पड़ेगी। सरकार को तत्काल इस फैसले को वापस लेना चाहिए।
- सुनील बांगा, व्यापारी
एक अप्रैल से कई और चीजों के दाम बढ़ रहे हैं। सरकार ने बिजली के दामों में बढ़ोतरी कर दी है। ऐसे में महंगाई की मार से जूझ रही जनता के ऊपर और आर्थिक बोझ बढ़ेगा। भाजपा सरकार में लोग परेशान हो चुके हैं।
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- राजकुमार, पूर्व विधायक
बिजली के दामों में बढ़ोतरी नहीं होनी चाहिए थी। पहले ही बिजली के दाम काफी अधिक हैं। ऐसे में एक बार फिर बढ़ोतरी का फैसला गलत है। बढ़ोतरी का फैसला वापस होना चाहिए।
हर साल बिजली के दामों में बढ़ोतरी की बात समझ में नहीं आ रही है। जनसुनवाई के दौरान तमाम लोगों ने इसका विरोध किया था। इसके बाद भी नियामक आयोग ने दरें बढ़ा दी। इससे लोगों पर आर्थिक बोझ बढ़ेगा।
- बीरू बिष्ट, सामाजिक कार्यकर्ता