सोशल आडिट की रिपोर्ट ने एक बार फिर समाज कल्याण विभाग में गड़बड़ियों को उजागर कर दिया है। रिपोर्ट में यह बात सामने आई है कि मृतकों और अपात्रों को धड़ल्ले से पेंशन बांट दी गई।
स्वर्ग सिधार गए 3,316 और 123 अपात्रों को भी दिसंबर 2016 से जून 2017 तक पेंशन का लाभ दिया गया। अब विभाग अपात्रों से वसूली में जुटा हुआ है। आडिट रिपोर्ट का खुलासे से विभागीय अधिकारियों की कार्यशैली पर सवालिया निशान लगा रहा है।
समाज कल्याण विभाग में विभिन्न योजनाओं के होने वाले फर्जीवाड़े को रोकने के लिए ही समाज कल्याण निदेशक विष्णु सिंह धानिक ने सोशल आडिट शुरू कराया था। इसके बाद जिले में हो रही कारगुजारियां लगातार सामने आती रही हैं। विभाग की ओर से 3,316 मृतकों को पेंशन बांट दी गई, जबकि 123 अपात्रों को भी पेंशन का लाभ दिया गया।
अपात्रों को पेंशन देने में देहरादून अव्वल
पेंशन
खास बात ये रही कि मृतकों को पेंशन देने में उत्तरकाशी टॉप पर, टिहरी दूसरे स्थान पर तो नैनीताल तीसरे स्थान पर है, जबकि अपात्रों को पेंशन देने के मामले में देहरादून अव्वल, नैनीताल दूसरे और रुद्रप्रयाग तीसरे स्थान पर है।
अपात्रों को लगभग 22 लाख 78 हजार रुपये पेंशन दी गई। समाज कल्याण निदेशक धानिक ने बताया कि अपात्रों से अब तक 21 लाख 15 हजार रुपये वसूल हो चुके हैं। उन्होंने बताया कि मृतकों के परिजनों की ओर से कोई सूचना विभाग को नहीं दी जाती है। पेंशन लाभार्थियों से अब प्रतिवर्ष लाइफ सेविंग सर्टिफिकेट लिया जाएगा। इसका आदेश शीघ्र ही सभी जिला समाज कल्याण अधिकारियों को जारी कर दिया जाएगा।
जिला कुल लाभार्थी मृतक अपात्र
पौड़ी 29,691 96 00
टिहरी 68,446 719 03
चमोली 26,287 221 00
रुद्रप्रयाग 21,752 156 22
उत्तरकाशी 30,251 1185 04
देहरादून 83,179 235 67
नैनीताल 42,289 602 25
अल्मोड़ा 66,150 03 00
बागेश्वर 25,734 00 00
ऊधमसिंह नगर 77,833 99 02
इनकी नहीं आई रिपोर्ट
भारतीय रुपया
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पिथौरागढ़, हरिद्वार और चंपावत की नहीं आई रिपोर्ट
सोशल आडिट की रिपोर्ट अभी हरिद्वार, पिथौरागढ़ और चंपावत से नहीं आई है।
जून में समाज कल्याण निदेशक विष्णु सिंह धानिक ने समीक्षा बैठक ली थी और सभी जिला समाज कल्याण अधिकारियों को आदेश दिए थे कि आधार सीडिंग का काम शत-प्रतिशत लक्ष्य पूरा करें, साथ ही सोशल आडिट कराकर रिपोर्ट तत्काल प्रभाव से भेजने को कहा था।
धानिक के आदेश के बावजूद हरिद्वार, पिथौरागढ़ और चंपावत से सोशल आडिट की रिपोर्ट नहीं आई है। तीन जिलों के जिला समाज कल्याण अधिकारियों से जवाब-तलब करने की तैयारी है।