उत्तराखंड विद्युत नियामक आयोग (यूईआरसी) ने वैकल्पिक ऊर्जा खरीद में नियमों का पालन न करने पर उत्तराखंड पॉवर कारपोरेशन लिमिटेड (यूपीसीएल) के प्रबंध निदेशक सुमेर सिंह यादव समेत पांच अधिकारियों पर 1.20 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। इसमें सबसे अधिक 50 हजार का जुर्माना एमडी पर लगा है। यह जुर्माना आरोपी अधिकारियों के वेतन से वसूला जाएगा।
यूपीसीएल द्वारा वित्तीय वर्ष 2015-16 में नियमों के तहत निर्धारित वैकल्पिक ऊर्जा खरीद के लक्ष्य में लगभग आठ करोड़ रुपये की कमी रही। निगम प्रबंधन के अनुरोध पर 20 जून 2016 को आयोग ने खरीद के इस लक्ष्य को चालू वित्त वर्ष में 31 जुलाई तक पूरा करने की अनुमति दी।
साथ ही व्यवस्था दी कि वैकल्पिक ऊर्जा के स्रोतों से लक्ष्य के मुताबिक बिजली खरीद में समस्या आ रही हो तो यूपीसीएल इंडियन एनर्जी एक्सचेंज से उतनी धनराशि के रिन्यूवल एनर्जी सर्टिफिकेट (आरईसी) खरीद सकता है। लेकिन समय सीमा पूरी होने पर भी आख्या प्रस्तुत न करने पर आयोग ने यूपीसीएल को कारण बताओ नोटिस भेजा।
30 दिन के अंदर आयोग में जमा करनी होगी रकम
Penalty
मंगलवार को हुई सुनवाई में आयोग ने माना कि बिजली निकासी और आयोग के आदेशों का पालन करने आदि के प्रति यूपीसीएल प्रबंधन जानबूझकर लगातार लापरवाह दृष्टिकोण अपना रहा है। आयोग ने इसके लिए यूपीसीएल के पांच जिम्मेदार अधिकारियों, एमडी एसएस यादव, निदेशक (वित्त) एमए खान, मुख्य अभियंता (वाणिज्यिक) एके सिंह, अधीक्षण अभियंता (वाणिज्यिक) सुनील वैद्य और अधिशासी अभियंता (वाणिज्यिक) प्रवेश कुमार पर 1.20 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है।
इन अधिकारियों को यह जुर्माना राशि आदेश की तारीख से 30 दिन के अंदर अपने वेतन से आयोग में जमा करानी होगी। इसके अलावा कुछ अन्य मामलों पर भी आयोग में सुनवाई हुई। सुनवाई में आयोग के अध्यक्ष सुभाष कुमार, सदस्य (तकनीकी) केपी सिंह, सचिव नीरज सती, निदेशक (तकनीकी) प्रभात डिमरी और निदेशक (वित्त) दीपक पांडे आदि शामिल हुए।
ये अधिकारी भरेंगे जुर्माना
प्रबंध निदेशक एसएस यादव - 50 हजार,
निदेशक (वित्त) एमए खान- 30 हजार,
मुख्य अभियंता (वाणिज्यिक) एके सिंह- 20 हजार
अधीक्षण अभियंता (वाणिज्यिक) सुनील वैद्य- 10 हजार
अधिशासी अभियंता (वाणिज्यिक) प्रवेश कुमार- 10 हजार