सतपाल महाराज के इस्तीफे के बाद कांग्रेस की प्रदेश प्रभारी अंबिका सोनी लगातार पीडीएफ के संपर्क में हैं।
राजनीतिक उथल-पुथल
अंबिका ने शनिवार को पीडीएफ के कुछ सदस्यों से फोन पर बात कर उन्हें आश्वस्त किया है कि उनसे किए वादे पूरे होंगे। उधर, देहरादून से बाहर गए पीडीएफ के कुछ सदस्य राजनीतिक उथल-पुथल के बाद देहरादून लौट आए हैं।
शनिवार को पीडीएफ विधायकों में बैठकों का दौर जारी रहा। महाराज की पीडीएफ के मंत्री प्रसाद नैथानी से नजदीकी के चलते कांग्रेस की धड़कने बढ़ी हुई हैं।
महाराज के इस्तीफे के बाद प्रदेश प्रभारी अंबिका सोनी ने शनिवार को मंत्री के अलावा मंत्री सुरेंद्र राकेश और कुछ निर्दलीय विधायकों के साथ भी वार्ता की है। पीडीएफ के सदस्य भी लगातार आपस में संपर्क बनाए हुए हैं।
शनिवार को देहरादून पहुंचे कैबिनेट मंत्री हरीश चंद्र दुर्गापाल ने मंत्री प्रसाद नैथानी से मुलाकात की। इससे पहले दिनेश धनै भी मंत्री से मिले।
आगाह किया था हाईकमान को
सतपाल महाराज के नजदीकी कैबिनेट मंत्री मंत्री प्रसाद नैथानी ने कांग्रेस आलाकमान को महाराज की नाराजगी के संबंध में अवगत करवा दिया था।
नैथानी ने कहा कि जानकारी के बावजूद कांग्रेस लगातार महाराज की उपेक्षा करती रही, जिसके चलते उन्हें यह कदम उठाना पड़ा। महाराज के जाने का खामियाजा कांग्रेस को उठाना पड़ेगा।
लोकसभा चुनाव तक का इंतजार
पीडीएफ लोकसभा चुनाव होने तक सरकार के समर्थन पर कोई फैसला लेती नहीं दिख रही है। फ्रंट के विधायक हरिदास की तबीयत खराब बताई जा रही है, जबकि सरबत करीम अंसारी देश से बाहर गए हैं।
माना जा रहा है कि पीडीएफ चुनाव के दौरान ऐसी कोई स्थिति पैदा नहीं करना चाहती जिसका परिणाम कांग्रेस या भाजपा को उठाना पड़े।