उत्तराखंड प्रादेशिक सहकारी संघ (पीसीयू) को सहकारी संस्थाओं में नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं के लिए नोडल एजेंसी घोषित किया गया है। संघ इनमें सोलर रूफटॉप परियोजनाओं का क्रियान्वयन करेगा। यह निर्णय सहकारी संघ के सभागार में हुई प्रबंध समिति की बैठक में लिया गया।
पीसीयू को परियोजना प्रबंधन सलाहकार (पीएमसी) भी नामित किया गया है। इसके तहत यूनियन सभी शीर्ष सहकारी संस्थाओं, जिला सहकारी बैंकों में परियोजनाएं लगाने का काम करेगी। जो उरेड़ा से समन्वय कर अन्य सहकारी समितियों में भी सोलर रूफटॉप परियोजनाएं लगाएगी।
बैठक में संघ के लिए नए कारोबार के लिए योजनाएं विकसित करने पर जोर दिया गया। इसका उद्देश्य सहकारी समितियों के आय के स्रोतों में वृद्धि करना है। सदस्यों ने नवाचार आधारित योजनाओं को अपनाकर संघ को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने पर विचार किया। संघ ने अपनी सदस्यता का विस्तार करने और अधिक सहकारी संस्थाओं को जोड़ने का भी निर्णय लिया।
केंद्रीय शीर्ष सहकारी संस्था एनसीयूआई की तर्ज पर पीसीयू की सदस्य समितियों का वार्षिक सदस्यता शुल्क 5,000 से घटाकर 2,000 रुपये कर दिया गया है। बैठक में एनसीयूआई के लिए प्रदीप चौधरी को नामित करने पर सहमति जताई गई। बैठक में अध्यक्ष प्रदीप मेहरोत्रा, रामकृष्ण मेहरोत्रा, शैलेंद्र बिष्ट, एमपी त्रिपाठी, प्रदीप कुमार, शांति, ममता मेहरोत्रा, गोपाल सिंह बोरा, सुभाष चंद्र रमोला, सुप्रिया चौहान आदि मौजूद रहे।
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प्रशिक्षण और क्षमता विकास
वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए सहकारिता विभाग में प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित होंगे। इसके लिए वर्षभर का विस्तृत प्रशिक्षण कैलेंडर तैयार किया जाएगा। यह कैलेंडर निबंधक, सहकारी समितियां कार्यालय को भेजा जाएगा। पूरे वर्ष विभिन्न स्तरों पर प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित होंगे। ये कार्यक्रम सहकारी संस्थाओं के पदाधिकारियों, कर्मचारियों और अधिकारियों के क्षमता विकास के लिए होंगे।