मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. संजय जैन की उपस्थिति में कलेक्ट्रेट में पीसी-पीएनडीटी जिला सलाहकार समिति की बैठक हुई। इसमें केंद्रों के पंजीकरण के नवीनीकरण, 13 केंद्रों में नई अल्ट्रासाउंड मशीन एवं सीटी स्कैन मशीन के पंजीकरण पर निरीक्षण के बाद निर्णय लेने की सहमति बनी। बताया गया, ट्रैकर सिस्टम लगाने के बाद ही सेंटर में नई मशीन स्थापित की जाएगी।
जिला स्तरीय मॉनिटिरिंग समिति (जैव चिकित्सा अपशिष्ट) की बैठक में कहा गया कि जिन चिकित्सालयों में अपशिष्ट निस्तारण नियमानुसार नहीं किया जा रहा है, उन पर कार्रवाई की जाए। जिला रजिस्ट्रीकरण प्राधिकरण की बैठक में कहा गया कि सभी चिकित्सालयों, पैथोलॉजी सेंटर सहित सैंपल कलेक्शन केंद्रों का पंजीकरण करवाना जरूरी होगा। इन केंद्रों में कार्यरत कार्मिकों व तकनीशियनों का विवरण देना भी जरूरी होगा। कहा, प्रत्येक चिकित्सालय को तीन माह में अपने यहां ओपीडी-आईपीडी रोगियों का विवरण देना आवश्यक है। बैठक में अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. जेएस रावत, अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. दिनेश चौहान, पुलिस अधीक्षक क्राइम मिथिलेश कुमार, आईएमए के अध्यक्ष डॉ. संजय उप्रेती, मुख्य नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अविनाश खन्ना उपस्थित रहे।
Iटीबी मरीजों का शुगर और एचआईवी टेस्ट कराया जाएगाI
कलेक्ट्रेट में जिला टीबी फोरम की बैठक में मुख्य चिकित्साधिकारी ने निर्देश दिए कि टीबी उन्मूलन के लिए पेंटिंग, पोस्टर प्रतियोगिता आयोजित की जाए। प्रतियोगिता के विजेताओं को सम्मानित करें साथ ही सोशल मीडिया पर भी टीबी को लेकर जागरूकता लाई जाए। उन्होंने प्रत्येक चिकित्सालय में आने वाले टीबी मरीजों का शुगर और एचआईवी टेस्ट कराने के लिए पत्र भेजने की बात कही। जिला टीबी रोग अधिकारी डॉ. मनोज वर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि ग्रामसभा एवं वार्ड स्तर पर टीबी उन्मूलन अभियान चलाया जा रहा है, जिसमें आशाएं अपने क्षेत्रों में सघन अभियान चला रही हैं। जनपद में 108 ग्राम पंचायतों सर्वे किया गया जिनके 223 गांव टीबी मुक्त हैं।