पौष पूर्णिमा स्नान के लिए देशभर के कई राज्यों से लोग धर्मनगरी हरिद्वार पहुंचे। वहीं मशहूर टीवी एक्टर अर्जुन बिजलानी ने हरिद्वार के गंगा घाट पर नदी में आस्था की डुबकी लगाई। इस अनुभव को साझा करते हुए उन्होंने कहा कि आज का दिन बेहद खास है।
पौष पूर्णिमा पर टीवी सीरियल के मशहूर कलाकार अर्जुन बिजलानी भी गंगा घाट पहुंचे और स्नान दान किया। ऋषिकेश क्रिएटिव प्रोडक्शन के ऑनर चिन्मय पंडित के साथ पहुंचे अर्जुन ने बताया कि निजी कार्य से वह देहरादून आए थे।
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फ्लाइट शाम की है ऐसे में परिजनों से ही पता चला कि आज का मुहूर्त स्नान का काफी महत्वपूर्ण है तो वह भी मां गंगा के दर्शन पूजन के लिए आ गए। अर्जुन ने बताया कि एक बार बनारस शूटिंग के दौरान भी जब वहां गए थे तो वह दिन गंगा दशहरा का था और आज भी पौष पूर्णिमा जैसा बड़ा दिन है।
उन्होंने कहा कि यहां पहुंचकर वाकई बहुत शांति मिलती है। श्रद्धालुओं से भी अपील किया कि विश्व प्रसिद्ध हरकी पैड़ी पर जरूर आएं। अभिनेता का श्रीगंगा सभा सचिव उज्ज्वल पंडित ने स्वागत किया। उन्होंने अर्जुन बिजलानी को रुद्राक्ष माला भेंटकर गंगाजली सौंपी।
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कड़ाके की ठंड और कोहरे के बीच गंगा में लगाई डुबकी
पौष पूर्णिमा स्नान के साथ माघ मास के शुभ फलदायी स्नान पर्वों की शुरुआत हो गई। हिंदू धर्म में माघ मास का स्नान-दान का विशेष महत्व है। 3 जनवरी से 15 फरवरी तक माघ मेला और स्नान दान का दौर चलता है। इस मास में स्नान का विशेष महत्व बताया गया। इसमें अक्षय पुण्य की प्राप्ति होती है। धर्मनगरी हरिद्वार में स्नान दान करने के लिए कई राज्यों से लोग शनिवार को पहुंचे। सुबह अंधेरे और कोहरे के बीच कंपकपाती ठंड भी आस्था के आगे कमजोर दिखी। लोगों ने हर-हर गंगे के उद्घोष के साथ विभिन्न घाटों पर आस्था की डुबकी लगाई।
हरकी पैड़ी समेत लगभग सभी घाटों पर श्रद्धालुओं की भीड़ लगी रही। लोगों ने पहले स्नान कर घाट पर ही दान आदि किया। इसके बाद पंचपुरी हरिद्वार के विभिन्न शक्तिपीठों और शिवालय देवालयों में पहुंचकर देव दर्शन किए। पूजन अर्चन के बीच पूरा दिन गुजरा।
स्नान करने आए श्रद्धालुओं से बाजार में बनी रौनक
पौष पूर्णिमा पर शनिवार को स्नान करने आए श्रद्धालुओं से धर्मनगरी के बाजारों में रौनक लौटी। विभिन्न राज्यों सेे आए श्रद्धालु साप्ताहिक अवकाश रविवार को होने के चलते धर्मनगरी में ही ठहरे। सुबह और शाम की आरती में शामिल होकर मां गंगा से पुण्य फलदायी कामना की। पितरों के निमित्त पौष मास का स्नान दान महत्वपूर्ण माना जाता है। हरिद्वार रेलवे स्टेशन और बस स्टेशन दोनों जगहों पर पूरे दिन हलचल रही। कुछ श्रद्धालु जो सुबह आए और शाम को लौटना था, उन्हें कोहरे और धुंध के चलते देर से पहुंची ट्रेनों का इंतजार करते देखा गया। वहीं, भीड़ के चलते बसों के फेरे भी बढ़ाए गए। राज्य से लगे उत्तर प्रदेश, हरियाणा, हिमाचल और पंजाब के कुछ जगहों से आए लोग बसों से लौटे।