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Uttarakhand: जीबी पंत संस्थान घुड़दौड़ी के पूर्व कुलसचिव को एसआईटी ने किया गिरफ्तार, पढ़ें क्या है पूरा मामला

Mon, 12 Sep 2022 07:32 PM IST
अलका त्यागी संवाद न्यूज एजेंसी, पौड़ी

सार

पूर्व कुलसचिव पर सेवाकाल के दौरान वित्तीय अनियमितताओं समेत कई आरोप लगे हैं।गिरफ्तारी के बाद पूर्व कुलसचिव को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट पौड़ी की अदालत में किया गया। 
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गिरफ्तारी(प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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उत्तराखंड के पौड़ी में जीबी पंत अभियांत्रिकी एवं प्रौद्योगिकी संस्थान घुड़दौड़ी के पूर्व कुलसचिव संदीप कुमार को एसआईटी ने गिरफ्तार कर लिया है। पूर्व कुलसचिव पर पद पर रहते हुए अवैध तरीके से नियुक्तियां करने, निर्माण कार्यों में वित्तीय अनियमितता, मैस के लिए बर्तनों की खरीद में अनियमितता सहित कई आरोप हैं। एसआईटी ने पूर्व कुलसचिव को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में पेश किया। अदालत के आदेश पर संदीप कुमार को न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया।

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जीबी पंत अभियांत्रिकी एवं प्रौद्योगिकी संस्थान घुड़दौड़ी के पूर्व कुलसचिव संदीप कुमार को तत्कालीन प्राचार्य डा. एमएल देवल ने सितंबर 2005 में बिना पद की स्वीकृति के टीपीओ (ट्रेनिंग एंड प्लेसमेंट ऑफिसर) के पद पर नियुक्ति प्रदान की थी। इस पद को शासन ने वर्ष 2008 में स्वीकृति दी थी। संदीप को अगस्त 2016 में सबसे पहले संस्थान में कुलसचिव का प्रभार सौंपा गया था। दिसंबर में उनसे जिम्मेदारी वापस ले ली गई थी, लेकिन दो सप्ताह बाद ही उन्हें दोबारा कुलसचिव का प्रभार सौंप दिया गया था।
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वर्ष 2017 में प्रभारी कुलसचिव की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए क्षेत्रीय युवाओं ने आंदोलन किया था जिसके बाद तत्कालीन डीएम सुशील कुमार ने नवंबर 2017 में संदीप से कुलसचिव का प्रभार छीन लिया था। जून 2018 में संदीप की कुलसचिव पद पर नियमित नियुक्ति हुई थी, लेकिन बीओजी (बोर्ड ऑफ गर्वनेंस) ने तैनाती पर रोक लगा दी थी। दिसंबर 2019 को संदीप कुमार ने कुलसचिव का पदभार संभाला था।

इस बीच संस्थान में भ्रष्टाचार, वित्तीय अनियमितता, नियुक्तियों में गड़बड़ियों का आरोप लगाते हुए क्षेत्रीय ग्रामीणों व संस्थान के कर्मचारी संगठन ने आंदोलन की चेतावनी दी। साथ ही कई स्तरों पर संदीप कुमार की शिकायत भी की गई थी। इसके बाद अगस्त 2021 में संदीप कुमार को कुलसचिव के पद से हटा दिया था। सिंतबर 2021 में उन्हें निलंबित किया गया और विगत 14 मई 2022 को बीओजी में संदीप की कुलसचिव के पद से सेवा समाप्त कर दी गई थी। जून माह में उनके टीपीओ पद पर नियुक्ति को लेकर भी जांच शुरू हुई चल रही है। एसएसपी यशवंत सिंह चौहान ने बताया कि जीबी पंत अभियांत्रिकी एवं प्रौद्योगिकी संस्थान घुड़दौड़ी के पूर्व कुलसचिव संदीप कुमार को एसआईटी ने देहरादून से गिरफ्तार किया। कि मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट पौड़ी की अदालत के आदेश पर संदीप को जिला कारागार खांड्यूसैण जेल भेज दिया है।  

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ये हैं पूर्व कुलसचिव पर आरोप

घुड़दौड़ी के पूर्व कुलसचिव संदीप कुमार पर वर्ष 2018 में कुलसचिव, 2019 में प्रोफेसर, एसोसिएट प्रोफेसर, असिस्टेंट प्रोफेसर के 44 पदों पर अवैध तरीके से नियुक्तियां करने, टीक्यूप फंड से 2 करोड़ के लेन-देन, निर्माण कार्यों में वित्तीय अनियमितता, मैस के लिए बर्तनों की खरीद में अनियमितता के आरोप हैं। इसके अलावा संदीप कुमार ने कुलसचिव के पद से निलंबित होने से पहले 10 लाख संस्थान से लिए थे जिसे अभी तक समायोजित नहीं किया गया है।  

नवंबर 2021 में गठित हुई थी एसआईटी 

संस्थान के तत्कालीन प्रभारी कुलसचिव डा. संजीव नैथानी ने 30 अक्तूबर 2021 को पूर्व कुलसचिव के खिलाफ संस्थान के दस्तावेज गायब किए जाने सहित कई आरोप लगाते हुए कोतवाली में तहरीर दी थी। मामले में पूर्व कुलसचिव के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। इसके बाद शासन ने नवंबर 2021 को एसआईटी का गठन किया था। एसएसपी यशवंत सिंह चौहान की अध्यक्षता में गठित एसआईटी में सीओ सदर पीएल टम्टा, एसएसआई महेश रावत व तकनीकी विशेषज्ञ प्रो. आरपी गुप्ता को सदस्य बनाया गया था। एसआईटी ने संस्थान में साक्ष्य जुटाए जाने को लेकर छह बार छोपा मारा था।

एसएसपी ने की पांच हजार के इनाम की घोषणा

घुड़दौड़ी कॉलेज के पूर्व कुलसचिव को गिरफ्तार करने वाली पुलिस टीम को एसएसपी यशवंत सिंह चौहान ने पांच हजार के इनाम की घोषणा की है। पूर्व कुलसचिव को कोतवाल विनोद गुसांई, एसएसआई महेश रावत, कांस्टेबल गोपाल सिंह व अनिल बिजल्वाण ने देहरादून से गिरफ्तार किया।
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