एसएसपी ने बताया कि वर्ष 2021 में दुगड्डा में भी इसकी शाखा खोली गई थी। जहां लोगों द्वारा निवेश की गई 50 लाख की धनराशि मेच्योर हो चुकी है। लेकिन समिति ने किसी को धनराशि नहीं लौटाई। बताया कि समिति के मुख्य खाते में 189 करोड़ रुपये जमा हुए हैं, लेकिन जमाकर्ताओं को लौटाए नहीं गए। इसके बावजूद सोसायटी के खाते में सिर्फ दो लाख रुपये की धनराशि शेष है।
एसएसपी लोकेश्वर सिंह ने बताया संपूर्ण उत्तराखंड में समिति ने 92 करोड़ की धोखाधड़ी की है। जबकि देश के विभिन्न राज्यों में 189 करोड़ का गबन किया गया है। बताया कि गिरफ्तार पांचों आरोपियों को एडीजे कोर्ट देहरादून की अदालत में पेश किया गया। अदालत के आदेश में सभी को जेल भेज दिया गया है। एसएसपी ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए यह केस जल्द ही एसटीएफ को हस्तांतरित किया जाएगा।
ये आरोपी किए गए हैं गिरफ्तार
1- गिरीश चंद्र सिंह बिष्ट, मूल निवासी पिंगला कोट, जिला बागेश्वर, (उत्तराखंड हेड)
2- विनीत सिंह, निवासी ग्राम देवडाली, गुमखाल पौड़ी (मैनेजर, दुगड्डा)
3- प्रज्ञा रावत, पदमपुर मोटाढांक कोटद्वार, (कैशियर, दुगड्डा)
4- उर्मिला बिष्ट निवासी चार बीघा आईडीपीएल, ऋषिकेश।
5- जगमोहन सिंह बिष्ट, चार बीघा आईडीपीएल, ऋषिकेश।