यह हो रहे बदलाव
- पुराने और कम सक्रिय विशेषज्ञों को हटाकर आयोग नए विशेषज्ञ शामिल कर रहा है।
- परीक्षा के विशेषज्ञ केवल उत्तराखंड नहीं बल्कि देशभर के विश्वविद्यालयों से लिए जा रहे हैं।
- कुछ परीक्षाओं के क्वैश्चन बैंक के सवालों को पूरी तरह से हटाया जा रहा है, नए सवाल शामिल किए जा रहे हैं।
- आयोग एक ऐसा क्वैश्चन बैंक बनाने की कवायद में जुट गया है जो कि न केवल पूर्ण सुरक्षित हो बल्कि जिसमें सवालों की संख्या भी दस हजार से अधिक हो, ताकि दोबारा इस तरह की समस्या पेश ही न आए।
- विषय विशेषज्ञों का चयन करने के लिए पहले जांच पड़ताल की जाएगी। ऐसे विशेषज्ञ चुने जाएंगे जो कि कहीं किसी तरह के विवाद में न फंसे हों।
अपने अधिकारियों की अंदरखाने जांच कराएगा आयोग
सूत्रों के मुताबिक, आयोग में महत्वपूर्ण पदों पर काम कर रहे अधिकारियों, कर्मचारियों को लेकर भी आयोग ने सख्त योजना बनाई है। इन सभी की अंदरखाने जांच कराई जाएगी। यह देखा जाएगा कि उनका रहन-सहन कैसा है। क्या उनके पास आय से अधिक संपत्ति तो नहीं है। आयोग के अध्यक्ष डॉ. राकेश कुमार पहले ही डीजीपी और अपर मुख्य सचिव गृह विभाग को पत्र भेजकर एलआईयू तैनात कराने की मांग कर चुके हैं।