मुख्य चिकित्सा अधिकारी, अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी, प्रमुख अधीक्षक, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक, चिकित्सा अधीक्षक आदि को अब स्वास्थ्य विभाग के प्रशासनिक कार्यों के साथ ही सप्ताह में दो दिन मरीजों को भी देखना होगा।
ऐसा न करने पर नॉन प्रेक्टिस एलाउंस के रूप में उनके वेतन से 20 फीसद कटौती कर दी जाएगी। स्वास्थ्य महानिदेशक डॉ. टीसी पंत ने आदेश की प्रति स्वास्थ्य विभाग के सभी अधिकारियों को भेज दी है।
स्वास्थ्य विभाग में डॉक्टरों की कमी के कारण मरीजों को सरकारी स्वास्थ्य सेवा का पूरा फायदा नहीं मिल पा रहा है। इसे गंभीरता से लेते हुए सरकार ने शासनादेश जारी कर डीजी हेल्थ समेत प्रशासनिक कामकाज की जिम्मेदारी संभाल रहे अधिकारियों को सप्ताह में दो दिन ओपीडी करने के निर्देश दिए हैं।
जिले के सीएमओ, पीएमएस समेत सभी सीएमएस को इसकी प्रति और ईमेल के माध्यम से सूचित कर दिया गया है। बृहस्पतिवार को सीएमओ डॉ. शैलजा भट्ट एवं एसीएमओ डॉ. उदय शंकर ने सीएचसी गदरपुर में ओपीडी कर मरीजों को देखा। वहीं शुक्रवार को जिला अस्पताल में पीएमएस डॉ. टीडी रखोलिया व मुख्य अधीक्षक डॉ. बसंत ने भी अपने कक्ष में मरीज देखे।
स्वास्थ्य महानिदेशक डॉ. पंत ने स्पष्ट निर्देशित करते हुए कहा कि सप्ताह में दो दिन ओपीडी न करने वाले स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का एनपीए यानी नॉन प्रेक्टिस एलाउंस नहीं दिया जाएगा। संबंधित शासनादेश जारी होने की प्रमुख अधीक्षक डॉ. टीडी रखोलिया ने पुष्टि की है।
जिले के स्वास्थ्य विभाग में प्रशासनिक कार्य देख रहे अधिकारी
अधिकारी संख्या
सीएमओ - एक
एसीएमओ - तीन
पीएमएस - एक
मुख्य चिकित्सका अधीक्षक- एक
चिकित्सा अधीक्षक- चार
जिला क्षय रोग अधिकारी- एक