दून अस्पताल और एक निजी अस्पताल के डॉक्टरों की मनमानी के कारण गंभीर रूप से घायल एक मरीज करीब छह घंटे स्ट्रेचर पर पड़ा कराहाता रहा। डॉक्टरों ने छत से गिरकर गंभीर रूप से घायल व्यक्ति का इलाज करने का मना कर दिया और परिजनों को उसे किसी और अस्पताल में ले जाने का फरमान सुना दिया।
निजी अस्पताल ने भी आयुष्मान योजना के तहत इलाज से मना करते हुए घायल को वापस कर दिया। इस पर परिजन फिर उसे दून अस्पताल लेकर पहुंचे। यहां घायल करीब ढाई घंटे तक स्ट्रेचर पर दर्द से तड़पता रहा, लेकिन डॉक्टरों का दिल नहीं पसीजा। परिजनों की शिकायत पर कांग्रेस के पूर्व विधायक राजकुमार अस्पताल पहुंचे तो उन्हें भी घायल का इलाज शुरू कराने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। मामले में चिकित्सा अधीक्षक डॉ. केके टम्टा ने जांच कराने की बात कही है।
मोहनी रोड स्थित संजय कॉलोनी में गया प्रसाद बुधवार तड़के छत से गिर गया था। शरीर में सरिया घुसने से वह बुरी तरह घायल हो गया था। इसके बाद परिजन उसे दून अस्पताल लेकर पहुंचे। उनका आरोप है कि दून अस्पताल के डॉक्टरों ने इलाज करने से इनकार कर दिया और घायल को किसी और अस्पताल में ले जाने के लिए कह दिया। एक घंटे बाद परिजन उसे लेकर एक निजी अस्पताल पहुंचे। यहां करीब ढाई घंटे बाद पता चला कि उसका इलाज आयुष्मान योजना के तहत नहीं हो सकता। ऐसे में उसे फिर से दून अस्पताल लाया गया, लेकिन चिकित्सकों ने इसके बाद भी उसका इलाज शुरू नहीं किया। परिजनों की शिकायत पर पूर्व विधायक राजकुमार दून अस्पताल पहुंच गए। पूर्व विधायक ने भी अस्पताल के डॉक्टरों से बात की लेकिन उन पर कोई असर नहीं हुआ। उस वक्त चिकित्सा अधीक्षक डॉ. केके टम्टा मौजूद नहीं थे तो उन्होंने प्राचार्य डॉ आशुतोष सयाना से बात की। उनके कहने पर इमरजेंसी में गया प्रसाद का इलाज शुरू किया गया।
नहीं मना कर सकते इलाज से
सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन के अनुसार कोई भी अस्पताल इमरजेंसी में उपचार से इनकार नहीं कर सकता। इधर, राज्य सरकार का भी निर्देश है कि आकस्मिक स्थिति में प्रत्येक अस्पताल मरीज को भर्ती कर इलाज करेगा। इसका भुगतान आयुष्मान योजना की दरों के तहत सरकार की ओर से किया जाएगा।
मामला सामने आया था। फिलहाल गया प्रसाद का इलाज शुरू कर दिया गया है। उसके छाती में ट्यूब डाली गई है। गया प्रसाद का एक्स-रे भी कराया गया है और अल्ट्रासाउंड भी। इससे पहले क्या हुआ इसकी जांच की जाएगी। फिलहाल घायल की तबीयत ठीक है।
-डॉ. केके टम्टा, एमएस, दून अस्पताल
दून अस्पताल में आए दिन इस तरह की घटनाएं सामने आती रहती हैं। यहां यदि व्यवस्थाओं में जल्द सुधार नहीं हुआ तो उग्र आंदोलन किया जाएगा। आयुष्मान योजना को लेकर भी कई तरह की गलफहमियां हैं। इन्हें भी विभाग को दूर करना चाहिए।
-राजकुमार, पूर्व विधायक