प्रधान ने खुद 1800 रुपये का ईंधन भरवाकर 108 सेवा के जरिए प्रकाश को हल्द्वानी पहुंचाया। इस पूरी कवायद में तीन घंटे से अधिक का वक्त लग गया। 20 फरवरी के तड़के तीन बजे प्रकाश को अस्पताल भर्ती कराया गया लेकिन 20 की ही रात 11 बजे उनकी मौत हो गई।
हल्द्वानी से शव गांव लाने के बाद उनका अंतिम संस्कार कर दिया गया। ग्राम प्रधान ने कमजोर माली हालत के चलते प्रकाश जोशी के परिजनों को समुचित आर्थिक सहायता का सरकार से आग्रह किया है।
चंपावत जिले की आपात चिकित्सा सेवा 108 के हाल अब भी ठीक नहीं है। ईंधन की कमी से जिले के पांच में से एक भी वाहन चंपावत से हायर सेंटर की सेवा नहीं दे पा रहा है। ईंधन की कमी से ये आपात वाहन 20 किलोमीटर के दायरे में ही सेवा दे पा रहे हैं।
इसके साथ ही तकनीकी खराबी आने से 18 फरवरी से लोहाघाट में खड़ी चंपावत की 108 सेवा शुक्रवार को ठीक करा ली गई है। मगर यह सेवा भी लोकल में ही संचालित हो पा रही है। 108 सेवा ही नहीं खुशियों की सवारी (केकेएस) के हाल भी बुरे हैं।
लोहाघाट की केकेएस चार महीने से खराब है तो चंपावत और टनकपुर की केकेएस खराब टायर और ईंधन की कमी से लंबी दूरी तय नहीं कर पा रही है। आपात सेवा 108 के जिला समन्वयक रजत उनियाल का कहना है कि केकेएस के लिए छह नए टायर और ईंधन के लिए बजट की मांग की गई है।