इसके पहले संस्करण का विमोचन दो साल पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कर चुके हैं। अब करीब 150 वैज्ञानिक और आयुर्वेदाचार्य दुनियाभर के पौधों और बूटियों को तलाश करते हुए दिन रात इस ग्रंथ के संस्करणों को लिखने में जुटे हैं।
उन्होंने बताया कि विश्व भेषज संहिता में करीब 65000 पौधों का जिक्र है। उन्होंने कहा कि दुनिया को आरोग्य बनाने की दिशा में यह बड़ा प्रयास साबित होगा, जो पिछले 13 साल से जारी है और अब अंतिम चरण में है।