शनिवार को सीएम त्रिवेंद्र रावत ने पतंजलि को लेकर एक अहम निर्णय लिया। सीएम के इस निर्णय से भविष्य में पतंजलि को बड़ा मुनाफा हो सकता है।
देशभर में धूम मचा रहे पतंजलि आयुर्वेद लिमिटेड के उत्पादों को तैयार करने के लिए कच्चे माल की जरूरी डिमांड उत्तराखंड से पूरी नहीं हो पा रही है। राज्य में इस डिमांड को कैश करने के प्रयास शुरू हो गए हैं।
इंडस्ट्रियल एसोसिएशन ऑफ उत्तराखंड की पहल पर स्मॉल इंडस्ट्रीज डेवलपमेंट बैंक ऑफ इंडिया (सिडबी) और पतंजलि के बीच एक अनुबंध होने जा रहा है। इस अनुबंध के तहत प्रदेश में पंतजलि की डिमांड पर आधारित सूक्ष्म एवं उद्योगों की स्थापना होगी। साथ ही आयुर्वेद उत्पादों के लिए जरूरी कच्चे माल के उत्पादन का भी वातावरण तैयार होगा।
ये प्रस्ताव एसोसिएशन की ओर से मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के सामने रखा गया। सीएम ने अनुबंध को लेकर सहमति दे दी है। आठ या नौ अप्रैल को सीएम की मौजूदगी में ही ये अनुबंध हो सकता है।
राज्य में मानव संसाधन से लेकर उत्पादों के लिए आवश्यक जड़ी, बूटी, वनस्पति से संबंधित कच्चे माल का अपार भंडार है। पतंजलि आयुर्वेद लिमिटेड बाहरी प्रदेशों से डिमांड पूरी करा रही है।