पतंजलि अनुसंधान केंद्र में कैंसर, शुगर और हार्टअटैक जैसी बीमारियों की आयुर्वेदिक दवाएं खोजी जाएंगी। यह प्रयोगशाला क्रोमेटोग्राफी जैसी विश्लेषणात्मक सुविधाओं से लैस हैं।
जड़ी-बूटियों के परीक्षण के लिए स्व संचालित ग्राइंडर, सॉक्सलेट एक्स ट्रैक्टर, रोटोवैपर, हीटिंग मैंटल्स जैसे उपकरण भी मौजूद हैं। विश्लेषणात्मक तकनीकों से आयुर्वेदिक औषधियों का वर्गीकरण किया जाएगा। भारत ही नहीं पूरे विश्व को इसका लाभ होगा।
आचार्य बालकृष्ण के मुताबिक इस प्रयोगशाला में सूक्ष्म कर्णीय औषधि के लिए पारंपरिक भारतीय आयुर्वेदिक प्रक्रियाओं से जड़ी-बूटी व खनिज युक्त सूक्ष्मकणों का निर्माण किया जाएगा। कृत्रिम व प्राकृतिक परिवेशीय वाले विभिन्न रोगों के प्रतिरूपों का मूल्यांकन कर आयुर्वेदिक सूक्ष्मकणों की जीनोमिक व प्रोटीयोमिक स्तर पर क्रियाविधि की जानकारी जुटाई जाएगी।