फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पतंजलि गुरुकुलम: चार बच्चों को अभिभावकों को सुपुर्द करने के लिए सिक्योरिटी मनी मांगने का आरोप

Fri, 28 May 2021 10:13 PM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हरिद्वार

सार

छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जनपद के अभिभावकों की ओर से जिलाधिकारी सी रविशंकर एवं मुख्य शिक्षाधिकारी डॉ. आनंद भारद्वाज को पत्र भेजा गया था। इसके बाद यह मामला प्रकाश में आया।
विज्ञापन
पतंजलि - फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

योग गुरु बाबा रामेदव का विवादों से पीछा छूटने का नाम नहीं ले रहा है। अब पतंजलि ग्रुप के गुरुकुलम में पढ़ रहे छत्तीसगढ़ के चार बच्चों को अभिभावकों को सौंपे जाने की एवज में प्रति छात्र 50-50 हजार रुपये सिक्योरिटी मनी के रूप में मांगने के आरोप लगे हैं। जिलाधिकारी सी रविशंकर के हस्तक्षेप के बाद बच्चों को अभिभावकों के सुपुर्द किया गया। 

विज्ञापन


बाबा रामदेव का नया बयान: योग से बड़ी कोई साइंस नहीं, एलोपैथी तो 200 साल पुराना बच्चा है

अभिभावकों की ओर से पत्र में कहा गया था कि चार बच्चों का पतंजलि फेस टू गुरुकुलम हरिद्वार स्थित वैदिक कन्या गुरुकुलम में पांच अप्रैल को प्रवेश कराया गया था। दो लाख 25 हजार रुपये जमा करने के साथ बच्चों को एलकेजी, पहली और छठवीं कक्षा में पढ़ाई के लिए गुरुकुलम परिवार को सौंप दिया गया था। 
विज्ञापन


अभिभावकों का कहना है कि पारिवारिक दिक्कतों के चलते 26 मई को बच्चों को वापस लेने पतंजलि पहुंचे। आरोप है कि 27 अप्रैल को गुरुकुलम प्रबंधन की ओर से चारों बच्चों को छोड़ने के एवज में दो लाख रुपये पुन: सिक्योरिटी मनी के रूप में मांगे। शिकायत पर जिलाधिकारी सी रविशंकर ने मुख्य शिक्षाधिकारी से मामले की जांच कराने के निर्देश दिए। 

विज्ञापन

आरटीपीसीआर रिपोर्ट दिखाने के बाद बच्चों सुपुर्द करने की तर्क दिया

मुख्य शिक्षाधिकारी ने बृहस्पतिवार की शाम करीब आठ बजे प्रबंधन से वार्ता की। प्रबंधन ने अभिभावकों के छत्तीसगढ़ से आने के कारण आरटीपीसीआर रिपोर्ट दिखाने के बाद बच्चों सुपुर्द करने की तर्क दिया।

उधर, अभिभावकों ने बताया कि वह चार लोग हैं, जिनमें से दो के पास आरटीपीसीआर की निगेटिव रिपोर्ट है। दो के पास एंटीजन की निगेटिव रिपोर्ट है। शिक्षाधिकारी ने स्कूल प्रबंधन को निर्देश दिए कि जिनके पास आरटीपीसीआर की रिपोर्ट है उन बच्चों को उनके अभिभावकों को सौंपा जाए। मुख्य शिक्षाधिकारी के हस्तक्षेप करने पर बृहस्पतिवार रात करीब नौ बजे बच्चों को अभिभावकों के सुपुर्द किया गया। मुख्य शिक्षाधिकारी ने रुपये मांगे जाने के आरोपों से इनकार किया है।  

वहीं, उप प्रधानाचार्य साध्वी ऋतु को कई बार फोन किया गया, लेकिन रिसीव नहीं हुआ। जानकारी के अनुसार, इस मामले में पुलिस की ओर से भी आरोपों की जांच की गई थी। बहादराबाद थाने की शांतरशाह पुलिस चौकी प्रभारी अशोक रावत ने अभिभावकों की ओर से प्रबंधन से सिक्योरिटी जमा करवाने के आरोपों को बेबुनियाद बताया है। 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें