जिले के विभिन्न मार्गों पर हरियाणा रोडवेज की 17 बसें कम हो गई हैं। इन
बसों को स्वतंत्रता दिवस की रिहर्सल में बच्चों को लेकर आने जाने में लगाया
है। इससे सवारियों की आफत बढ़ गई है और रोडवेज को राजस्व का नुकसान हो रहा
है। स्थिति इतनी विकट हो चुकी है कि सवारियों को बस नहीं मिलती और जो बस
आती है, उसमें जान जोखिम में डालकर सफर करने को मजबूर हैं।
अफसर भी बेबस
हैं, जो इस समस्या का हल नहीं कर पा रहे हैं। मुसाफिरों के सामने
हरियाणा रोडवेज की बस पहले ही बहुत कम है। 250 बसों की जरूरत की जगह मात्र
175 बसें विभिन्न मार्गों पर हैं। इनमें से भी सत्रह बस कम होने पर 158
बसें ही मार्गों पर रह गई हैं। इन बसों के सामने सवारियों को सुहाना सफर
मिलना मुश्किल है। सवारियों को सफर करने में ऑटो, जीप का सहारा लेना पड़
रहा है। वह भी सवारियाें से भरने के बाद चलते हैं।
इन मार्गों से हटाई बसें
करनाल
से पानीपत, करनाल से सालवन वाया मूनक से दो बसे, करनाल से असंध से दो,
यमुनानगर से एक सहित लगभग सभी मार्गों से एक-एक बस को हटाया गया है। बस कम
होने से सवारियों से ओवरलोड चलने लगी हैं। ड्राइवर-कंडक्टर परेशान हैं।
कंडक्टर को बस क्लीयर करने में दिक्कत आती है और ड्राइवर ओवरलोड बस को तेज
गति नहीं दे पाते। इससे सवारियां तय टाइम पर नहीं पहुंच पातीं और गुस्सा
होती हैं। इसके अलावा ओवरलोड बस तेल अधिक खपत करती है, जिससे ड्राइवर को
नोटिस जारी होता है।
निजी वाहनों की बल्ले-बल्ले
रोडवेज बस कम
होने से जिले में निजी वाहनों की बल्ले-बल्ले हो गई है। करनाल से असंध,
पानीपत, यमुनानगर, कैथल, कुरुक्षेत्र सहित लोकल मार्गों पर जीप चलने लगी
हैं। वह निर्धारित किराये से एक दो रुपये कम लेेते हैं और सवारी के कहने पर
वहीं पर रोक देते हैं। निजी वाहन चालक कहते हैं कि पंद्रह अगस्त तक कमाई
कर रहे हैं। उसके बाद रोडवेज बस आ जाएगी। निजी बसें भी अपने निर्धारित
मार्ग छोड़ चुकी हैं।