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पार्षदों का बोर्ड बैठक से बहिष्कार, उप महापौर का चुनाव भी टला

Tue, 16 May 2017 01:00 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून 
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देहरादून नगर निगम में उप महापौर के चुनाव को लेकर पार्षदों ने बोर्ड बैठक में जमकर हंगामा करने के साथ ही बोर्ड बैठक का बहिष्कार कर दिया हो लेकिन सरकार और शहरी विकास विभाग के सूत्रों की मानें तो उप महापौर का चुनाव अप्रैल 2018 में होने वाले नगर निकाय चुनाव के साथ ही होगा।
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नाम न छापने की शर्त शहरी विकास विभाग के ही एक आला अफसर का कहना है कि नगर निकायों के चुनाव अप्रैल माह में होने हैं। चुनावी प्रक्रिया नवंबर से शुरू कर दी जाएगी, जबकि तीन मई तक बोर्ड का गठन होना है। ऐसे में इतनी कम अवधि के लिए उप महापौर का चुनाव कराने का कोई औचित्य ही नहीं बनता है। चुनाव कराने को लेकर तमाम प्रक्रियाओें से गुजरना पड़ता है ऐसे में एक बार में ही चुनाव कराना उचित है।

वहीं नगर निगम पार्षदो का कहना है कि सरकार और शहरी विकास विभाग की मंशा ठीक ही नही है। ज्यादातर पार्षदों का कहना है कि पिछले नौ साल से नगर निगम में उप महापौर नही है ।
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भला इसे क्या कहा जाय? उप महापौर की जगह कार्यकारिणी और विकास समितियाें के अधिकार नगर आयुक्तों को दे दिए गए हैं। जबकि नगर निगम अधिनियम में उप महापौर के निर्वाचन के साथ ही कार्यकारिणी और विकास समितियों के गठन का प्रावधान है।

लेकिन अधिनियम में उल्लेखित तमाम प्रावधानों की अनदेखी की जा रही है। जिसे उचित नही ठहराया जा सकता है। वहीं महापौर विनोद चमोली का कहना है कि नगर निकायों में उप महापौर का चुनाव कराने की जिम्मेदारी शासन की है। इस मुद़्दे पर उनके स्तर से कुछ नही किया जा सकता है।   
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