ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाइन के लिए सुरंग निर्माण के दौरान निकलने वाले मलबे पर पार्क और रेस्टोरेंट बनाए जाएंगे।
वन विभाग की योजना स्टेशनों के पास मलबे की डंपिंग साइट पर इस तरह के निर्माण कार्य कराने की है। फिलहाल, विभाग ने यह प्रस्ताव रेलवे विकास निगम को भेजा है। योजना परवान चढ़ी तो यात्रियों को खानपान, मनोरंजन की सुविधा मिलेगी, साथ ही भारी मात्रा में निकलने वाले मलबे का निस्तारण हो पाएगा।
126 किमी ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाइन का अधिकतम हिस्सा सुरंग से गुजरेगा। केवल स्टेशन और कुछ चुनिंदा जगह की खुले में होंगी। सुरंग निर्माण के दौरान करीब 18 करोड़ टन मलबा निकलेगा, जिसके निस्तारण के लिए रेल विकास निगम ने आईआईटी रुड़की के सहयोग से 31 डंपिंग साइट तैयार करने की योजना बनाई है।
इसके अलावा दूसरे विकल्पों पर भी विचार किया जा रहा है। वन विभाग की टीम ने भी रेलवे लाइन परियोजना क्षेत्र का निरीक्षण किया है। इसके बाद रेलवे विकास निगम को मलबे पर पार्क विकसित करने और रेस्टोरेंट आदि बनाने का सुझाव दिया गया है।
मलबे पर नया जंगल बनाने की भी योजना
रेल विकास निगम ने आईआईटी रुड़की के सहयोग से डंपिंग साइट के निर्माण की योजना बनाई है। यहां पर मलबा एकत्र किया जाएगा, उस जगह पर नया जंगल तैयार करने की भी योजना है। इसका सुझाव भी पूर्व में भेजा जा चुका है। जंगल तैयार होने से हरियाली बढ़ेगी, वहीं मलबे से होने वाली नुकसान से भी बचा जा सकेगा।
वन विभाग की टीम ने ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेलवे लाइन निर्माण परियोजना क्षेत्र का दौरा किया था, इसके बाद रेल विकास निगम को मलबे को व्यवस्थित कर उस पर पार्क, रेस्टोरेंट समेत जन उपयोगी कार्य करने का सुझाव दिया गया है। पार्क, रेस्टोरेंट बनने से यात्रियों के सहूलियत होगी।
- विनोद सिंघल, नोडल अधिकारी वन भूमि हस्तांतरण व अपर मुख्य वन संरक्षक