ग्राम प्रधान पूनम और बीडीसी सदस्य लक्ष्मी देवी का कहना है कि गांव तक सड़क सुविधा पहुंचाने को लेकर कई बार विभागीय अधिकारियों से पत्राचार किया जा चुका है। लेकिन हर बार उन्हें कोरा आश्वासन मिलता है। गांव सड़क सुविधा के लिए जरूरी सभी मानकों को पूरा करता है बावजूद गांव तक सड़क नहीं पहुंचाई जा रही है। हर बार किसी की तबीयत खराब होने पर उसे अस्पताल तक पहुंचाने के लिए डांडी-कंडी का सहारा लेना पड़ता है।
इस दौरान उसकी जान जोखिम भरी रहती है। सबसे ज्यादा दिक्कत गर्भवती महिलाओं को प्रसव के दौरान होती है। व्यापार मंडल अध्यक्ष क्वासी सूर्यपाल चौहान, ग्रामीण नरेन्द्र, सोनू शैलेंद्र, गोविंद आदि का कहना है कि सरकार हर गांव तक सड़क पहुंचाने के बड़े बड़े दावे करती है लेकिन क्षेत्र के कई गांव आज भी सड़क विहीन है।
लोनिवि चकराता के अधिशासी अभियंता बीसी पंत ने बताया कि ग्रामीणों की ओर से लिखित प्रस्ताव मिलने पर गांव को सड़क सुविधा पहुंचाने के लिए शासन स्तर पर विभाग द्वारा प्रस्ताव भेजा जाएगा। जिसके बाद गांव को सड़क सुविधा से जोड़ने की कार्रवाई शुरू की जाएगी।