परशुराम मंदिर के कपाट तीन माह के लिए बंद
- विजयादशमी पर वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच खुलेंगे मंदिर के कपाट
अमर उजाला ब्यूरो
साहिया। देवशयनी एकादशी पर बोहरी गांव स्थित परशुराम महाराज मंदिर के कपाट तीन माह के लिए बंद कर दिए गए। शुक्रवार को पूरा मंदिर परिसर देव उद्घोष से गूंज उठा। देवता की विशेष आरती की गई। इसके बाद मंदिर के कपाट बंद कर दिए गए। अब विजयादशमी पर मंदिर के कपाट खोले जाएंगे।
बोहरी स्थित परशुराम मंदिर हजारों लोगों की आस्था का केंद्र है। यहां दिल्ली, गुजरात, उत्तर प्रदेश, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के कई गांवों से लोग देव दर्शन के लिए आते हैं। मान्यता है कि देवशयनी एकादशी के दिन भगवान विष्णु धरती को छोड़ पाताल लोक में चले जाते हैं, जो देवोत्थान एकादशी को वापस भू लोक पर लौटते हैं। परशुराम देवता को भी विष्णु के 10 अवतारों में से एक माना जाता है। ऐसे में गांव स्थित परशुराम देवता के मंदिर के कपाट भी देवशयनी एकादशी पर तीन माह के लिए बंद कर दिए जाते हैं।
मंदिर समिति के अध्यक्ष अमर सिंह चौहान ने बताया कि अब विजयदशमी पर गाजे-बाजे के साथ वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच मंदिर के कपाट खोले जाएंगे। इस मौके पर मंदिर के पुजारी गुलाब सिंह चौहान, भंडारी खजान सिंह चौहान सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।