एक-दूसरे से नहीं मिले हैं सभी आरोपी
एसटीएफ के सूत्रों के मुताबिक, इस मामले में सभी आरोपी एक-दूसरे से पहले नहीं मिले हैं। हर कोई अपना अलग गिरोह चलाता है। यही कारण है कि जो भी पकड़ा जाता है, वह नए राज खोल रहा है। सबके अपने-अपने क्षेत्रों में अभ्यर्थी हैं। सूत्रों के मुताबिक, इनमें मनोज जोशी और अभिषेक वर्मा ही सबकी कड़ी बने हैं। इन्होंने ही हर गिरोह को किसी न किसी के माध्यम से पेपर मुहैया कराए हैं।
‘फोटो लगाने से कोई नहीं बचेगा, अपराधी की जगह जेल’
देहरादून। डीजीपी अशोक कुमार ने कहा है कि किसी अधिकारी के साथ फोटो लगाने से कोई अपराधी बच नहीं सकता। पेपर लीक मामले में कोई अपराधी न वीआईपी है और न ही हाईप्रोफाइल। उसकी एक ही जगह है, जेल। डीजीपी का यह बयान उनकी हाकम सिंह रावत के साथ फोटो वायरल होने के बाद आया है।
पेपर लीक मामले में एसटीएफ ने तीन दिन पहले उत्तरकाशी के जिला पंचायत सदस्य हाकम सिंह रावत को गिरफ्तार किया था। उसे उत्तरकाशी जिले में इस परीक्षा में हुई नकल का सूत्रधार बताया जा रहा है। उसकी कई नामी और बेनामी संपत्ति भी उत्तरकाशी जिले में है। इसे लेकर सोशल मीडिया पर भी तमाम चर्चाएं हो रही हैं। इस बीच हाकम सिंह की कई अधिकारियों और नेताओं के साथ फोटो भी वायरल हुई।
इनमें से एक फोटो डीजीपी अशोक कुमार के साथ भी है। दो दिन से यह फोटो तमाम सोशल साइट्स और पोर्टलों पर चल रही है। इसके बाद बुधवार को डीजीपी ने इस संबंध में बयान जारी किया। उन्होंने कहा कि कोई किसी अधिकारी या नेता के साथ फोटो खिंचवाने से निर्दोष साबित नहीं हो जाता। जो अपराधी होता है, उसके लिए एक ही जगह है, वह है जेल। पुलिस इस मामले में बेहतर काम कर रही है। आगे भी अपराधियों को गिरफ्तार किया जाएगा।