अब महिलाएं चूंकि मुखर हो गई हैं। इसलिए अब घटनाएं प्रकाश में आ जाती हैं। कहा कि यह निर्भीक महिलाओं की ही निशानी है कि मीटू अभियान के रूप में उभरा है और 10-20 साल पुराने उत्पीड़न के मामलों के खिलाफ भी आवाज उठा रही हैं। वहीं इस अवसर पर उन्होंने प्रदेश के चार जिलों देहरादून, हरिद्वार, पौड़ी एवं टिहरी जिले से आई 200 महिलाओं को मुफ्त पैनिक बटन वितरित किए।
साथ ही उन्होंने भारत सरकार की शी-बॉक्स योजना का भी शुभारंभ किया। कहा कि महिला सुरक्षा के लिए यह बेहद अहम योजना है। पैनिक बटन में पुलिस कंट्रोल रूम और महिला हेल्प लाइन के नंबर रहेंगे। वहीं शी बॉक्स में महिलाएं ऑनलाइन शिकायत दर्ज करा सकती हैं। इसमें 90 दिनों के भीतर शिकायत का निस्तारण करना होगा।
इस अवसर पर उपस्थित आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों ने भी राज्यमंत्री रेखा आर्य को ज्ञापन सौंपा। उनकी चार सूत्रीय मांगों को पूरा करने का आश्वासन देते हुए मंत्री आर्य ने कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां शासन-प्रशासन की रीढ़ की हड्डी की तरह हैं। उनकी मांगो को प्राथमिकता के साथ सुना जाएगा और जल्द इसपर कार्रवाई की जाएगी।
ऐसे काम करेगा ‘पैनिक बटन’
डिवाइस में किसी भी 10 परिचित लोगों के मोबाइल नंबर फीड करने होंगे। किसी भी आपातकालीन स्थिति में होने पर महिला को डिवाइस का पैनिक बटन दबाना होगा। इसके बाद महज पांच सेकेंड के भीतर डिवाइस में फीड किए गए दस लोगों के मोबाइल पर मैसेज पहुंचेगा ‘प्लीज हेल्प मी’ आइएम इन डेंजर साथ ही लोकेशन भी बताई जाएगी। इसके साथ ही यह मैसेज महिला एवं बाल विकास विभाग व पुलिस को भी खुद पहुंच जाएगा। जिससे विभाग और पुलिस समन्वय बिठाकर पीड़ित महिला को तत्काल मदद मुहैया कराएंगे।
साड़ी घोटाले में होगी जांच
सरकार की ओर से आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को साड़ियां वितरित की गई थी। इसके बाद कार्यकत्रियों ने शिकायत की कि साड़ियों की लंबाई बेहद कम है। जिसे सूट बनाने में भी इस्तेमाल नहीं किया जा सकता। मामले में मंत्री रेखा आर्य ने जांच बैठाने के आदेश दिए। उन्होंने कहा कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।