राज्य निर्वाचन विभाग की ओर से दिए गए चुनाव कार्यक्रम प्रस्ताव पर सरकार ने भी सहमति जता दी है। बृहस्पतिवार को आरक्षण कार्यक्रम के साथ ही चुनाव कार्यक्रम को मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा ने अनुमोदित किया। देर रात शासन ने आदेश भी जारी किया।
पहले जनवरी माह में होने थे चुनाव
राज्य निर्वाचन आयोग ने कुछ दिन पहले ही संशोधित पंचायत चुनाव कार्यक्रम शासन को भेजा था। इसके तहत 10 दिसंबर से प्रदेश में आचार संहिता लागू होनी थी और जनवरी माह में पंचायत चुनाव होने थे।
बृहस्पतिवार को मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा ने यह कार्यक्रम बिना किसी बदलाव के अनुमोदित कर दिया। इसके साथ ही अब शासन स्तर पर आरक्षण की कसरत भी शुरू हो गई है।
देर रात आरक्षण कार्यक्रम भी शासन की ओर से जारी कर दिया गया। कार्यक्रम के अनुसार 20 नवंबर को आरक्षण सूचियों का प्रकाशन होगा।
23 और 24 नवंबर को मांगी जाएंगी आपत्तियां
23 और 24 नवंबर को इस पर आपत्तियां मांगी जाएंगी। 25 से लेकर 27 नवंबर तक आपत्तियों का निस्तारण किया जाएगा। 28 नवंबर को जिलों में आरक्षण की सूची का अंतिम प्रकाशन होगा।
30 नवंबर को को जिलों से आरक्षण प्रस्ताव पंचायत निदेशालय को मिलेंगे। दो दिसंबर को शासन आरक्षण प्रस्ताव राज्य निर्वाचन आयोग को भेजेगा। आरक्षण का कार्यक्रम जारी होने के बाद अब आरक्षण के गुणा भाग के लिए प्रदेश में दौड़ धूप भी शुरू होगी।
पंचायतों में महिलाओं के लिए पचास प्रतिशत आरक्षण हर स्तर पर है। ऐसे में राजनीतिक दलों को भी दमदार महिला प्रत्याशी की खोज रहेगी। परिसीमन 2001 की जनगणना के आधार पर किया गया है, लिहाजा सीटों के रोटेशन को लेकर भी खींचतान की संभावना है।